First ATM in india: आज  ATM हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. पैसे निकलने के लिए बैंक की लंबी लाइन में लगने के बजाय कुछ मिनटों में  ATM से कैश मिल जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में  ATM की शुरुआत आज से कई सालों पहले हुई थी उस समय यह मशीन लोगों के लिए बिल्कुल नई और हैरान कर देने वाली  सुविधाजनक मशीन थी. देश में पहली बार यह मशीन एक खास शहर में लगाई गई थी आइए जानते हैं भारत में सबसे पहली  ATM  मशीन किस शहर में लगी और इसकी शुरुआत कैसे हुई.

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ATM क्या है?  

ATM का पूरा नाम Automated teller machine है. इसे हिंदी में स्वचालित गणक यंत्र या स्वचालित टेलर मशीन कहते हैं. यह एक ऐसी मशीन है, जिससे बिना बैंक में जाए आसानी से पैसे निकाल सकते हैं. इसके लिए   ATM कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है. कार्ड को मशीन में दर्ज करने के बाद  ATM Pin डालते ही आप पैसे निकाल सकते हैं .इसके  लिए आपको बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा  ATM मशीन से बैंक खाते का बैलेंस चेक करने और कुछ दूसरी बैंकिंग सुविधाओं का भी इस्तेमाल किया जाता है. आज  ATM की वजह से जरूरत के समय कैश निकालना काफी आसान हो गया है.

मुंबई में लगा था पहला ATM

भारत में सबसे पहला ATM साल 1987 में मुंबई में लगाया गया था. इसे HSBC बैंक ने अपनी मुंबई में स्तिथ बैंक  शाखा में शुरू किया गया था. उस समय  ATM भारत के लिए बिल्कुल नई सुविधा थी. लोगों के लिए बिना कर्मचारी की मदद के बिना मशीन से पैसे निकालना एक अलग अनुभव था. मुंबई से शुरू हुई यह सुविधा धीरे-धीरे देश के दुसरे हिस्सों तक पहुंची और बैंकिंग का तरीका भी बदलने लगा.

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1987 से पहले कैसी थी बैंकिंग?

आज की तरह पहले लोग जब चाहें ATM से पैसे नहीं निकाल सकते थे. कैश निकालने के लिए उन्हें बैंक की शाखा में जाना पड़ता था ,और बैंक से पैसे निकालने में वहां के कर्मचारियों की मदद लेनी पड़ती थी. कई बार पैसे निकालने के लिए लंबी-लंबी कतारों में भी लगना पड़ता था. ऐसे में  ATM का आना लोगों के लिए बड़ी सुविधा थी. क्योकि इसमें बैंक की शाखा पर निर्भरता कम होने लगी थी.

आज ATM  में मिलती हैं कई सुविधाएं?

आज के समय में  ATM  सिर्फ पैसे निकालने वाली मशीन नहीं रहा.आज  ATM से पैसे निकालने के अलावा बैंक खाते का बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट निकालने जैसी सुविधा भी मिलती हैं. हालांकि UPI और डिजिटल पेमेंट के कारण कैश का इस्तेमाल कम हुआ है, फिर भी जरूरत पड़ने पर  ATM  आज भी काफी  काम आता है. भारत में इसकी शुरुआत मुंबई से हुई थी और आज यह देश की आम बैंकिंग व्यवस्था का हिस्सा बन चूका है. 

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