अमेरिका और रूस के बीच तनातनी का दौर चल रहा है. अमेरिका, रूस से कह रहा है कि वो यूक्रेन के साथ युद्ध बंद कर दे. इसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमिर पुतिन से यहां तक कह दिया कि वो आग से खेल रहे हैं. इसके जवाब में रूस ने कहा कि अमेरिका को युद्ध की असलियत के बारे में पता नहीं है. साथ ही साथ तीसरे विश्व युद्ध की धमकी भी दे डाली. रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से ज्यादा के वक्त से लड़ाई चल रही है, जो कि थमने का नाम नहीं ले रही है. लेकिन हाल ही में अमेरिका के सिस्टम में रूस की परमाणु मिसाइल दिखाई दी. चलिए देखें कि क्या माजरा है.

हाल ही में अमेरिका 

उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने 14 अप्रैल 2025 को अलास्का एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में संचालित रूसी सैन्य विमान का पता लगाया. ये विमान अलास्का जोन में उड़ रहा था. हालांकि रूसी विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में ही रहा और उसने अमेरिकी या फिर कनाडा के हवाई क्षेत्र में एंट्री नहीं की. अलास्का एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में यह रूसी गतिविधि नियमित रूप से होती है और इसे किसी खतरे के रूप में नहीं देखा जाता है. लेकिन एक बार कुछ ऐसा हुआ था, जिससे एक गलती होती और तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो जाता. 

अमेरिका को खबर मिली कि रूस ने हमला किया

आज के करीब 40 साल पहले की बात है जब कोल्ड वॉर जारी था, उस वक्त अमेरिका और रूस एक-दूसरे की हर हरकत के लिए चौकन्ने रहते थे. जरा सी चूक पर पूरी दुनिया तबाह हो सकती थी. 26 सितंबर 1983 की रात अनजाने में ही दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के बिल्कुल मुहाने पर खड़ी हो गई थी, लेकिन भला हुआ कि ऐसा कुछ हुआ नहीं. सुबह करीब तीन बजे अचानक से अमेरिका के NORAD कमांड कोलरैडो में अलार्म बजने लगे कि सोवियत यूनियन ने अमेरिका पर हजारों न्यूक्लियर मिसाइलों से हमला कर दिया है. ये अलार्म कई जगहों पर बज रहा था. ये सभी जगहें एक कंट्रोल सिस्टम से जुड़ी थीं, जिसका नाम WIMEX था. 

तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर आ गई थी दुनिया

वाईमैक्स उस वक्त मिसाइल की पहचान करने के लिए अमेरिका का सबसे आधुनिक सिस्टम था, जिसको ऑटोमेटेड अथॉरिटी थी कि वो अमेरिका के बॉम्बर्स को हवा में उड़ान भरने की इजाजत दे सकता है. इस बात की खबर उस वक्त के राष्ट्रपति जिमी कार्टर के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Zbigniew Brzezinski को दी गई और उनसे कहा गया कि सोवियत यूनियन ने हजारों मिसाइलें अमेरिका की ओर छोड़ दी हैं. Zbigniew Brzezinski राष्ट्रपति को इस बात की खबर देने जा ही रहे थे कि उनके पास एक और फोन आया जिसमें कहा गया कि अमेरिका से साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स जो कि भूकंपीय तरंगे रिकॉर्ड करते हैं, उनकी रिपोर्ट के अनुसार कोई भी मिसाइल लॉन्च नहीं हुआ था. 

जब WIMEX के अलार्म को चेक किया गया तो पता चला कि सिस्टम में हुई किसी गलती की वजह से वो अलार्म बज उठे थे. अगर उस वक्त समय पर सचेत नहीं किया गया होता तो अमेरिकी अलार्म की एक गलती की वजह से तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया होता.

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