देश के दो बड़े विरोध प्रदर्शनों NEET में गड़बड़ी और CEC को हटाने के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आम जनता का मिजाज कैसा रहा, इसको लेकर databeings के आधिकारिक हैंडल से एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट में जुलाई 2026 में हुए नीट प्रोटेस्ट और 25 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 के बीच चले सीईसी प्रोटेस्ट के आंकड़ों की तुलना की गई है. इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि एक्स और इंस्टाग्राम जैसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स की प्रतिक्रिया, एंगेजमेंट और कमेंट्स का सेंटीमेंट एक-दूसरे से काफी अलग और दिलचस्प रहा है. वहीं रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि CEC को हटाने के खिलाफ कॉकरोच पार्टी के विरोध में जनता का भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है.
X पर बदला जनमत का माहौल
रिपोर्ट के अनुसार, एक्स प्लेटफॉर्म पर CJP के आधिकारिक हैंडल पर दोनों प्रदर्शनों के दौरान आए कमेंट्स का सेंटीमेंट बिल्कुल अलग रहा. जुलाई 2026 के नीट प्रोटेस्ट के वक्त एक्स पर 33 प्रतिशत पॉजिटिव कमेंट्स मिले थे, जबकि 67 प्रतिशत प्रतिक्रियाएं नेगेटिव थीं. इसके बाद 25 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक चले सीईसी प्रोटेस्ट के दौरान एक्स पर माहौल और सख्त हो गया. इसमें पॉजिटिव कमेंट्स का दायरा घटकर मात्र 17 प्रतिशत रह गया और नेगेटिव कमेंट्स का आंकड़ा बढ़कर 83 प्रतिशत के पार पहुंच गया.
नीट आंदोलन में समर्थन और विरोध का पूरा गणित
नीट प्रोटेस्ट के समय एक्स पर आई प्रतिक्रियाओं के गहराई से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पॉजिटिव वर्ग में 56.7 प्रतिशत लोग सीजेपी के समर्थन में बोल रहे थे. इसके अलावा 7.3 प्रतिशत लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे, 6.8 प्रतिशत लोग मोदी विरोधी विचारों के साथ जुड़े थे और कुछ लोग पुलिस व मीडिया के रुख पर अपनी राय दे रहे थे. वहीं नेगेटिव सेक्शन की बात करें तो 30 प्रतिशत लोगों ने सीधे तौर पर सीजेपी की नीतियों की आलोचना की, 16.2 प्रतिशत ने व्यक्तिगत हमले किए, 7.4 प्रतिशत ने माओवादी या नक्सली जुड़ाव के आरोप लगाए और कुछ ने विदेशी फंडिंग जैसे मुद्दों को उठाया.
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इंस्टाग्राम और एक्स के एंगेजमेंट में दिखा बड़ा अंतर
दोनों आंदोलनों के दौरान सीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल पर प्रति पोस्ट मिलने वाले औसतन एंगेजमेंट में प्लेटफॉर्म के हिसाब से बड़ा उलटफेर देखा गया. नीट प्रोटेस्ट में इंस्टाग्राम पर 229 पोस्ट के जरिए प्रति पोस्ट औसतन 882,459 का काफी बड़ा एंगेजमेंट हासिल हुआ था, जो सीईसी प्रोटेस्ट के 91 पोस्टों में 58 प्रतिशत गिरकर 371,201 रह गया. इसके ठीक उलट एक्स प्लेटफॉर्म पर नीट प्रोटेस्ट के 2,129 पोस्ट पर औसतन एंगेजमेंट 4,374 था, जो सीईसी प्रोटेस्ट के 1,343 पोस्ट पर 25 प्रतिशत बढ़कर 5,447 दर्ज किया गया.
इंस्टाग्राम पर समर्थकों का दबदबा रहा कायम
एक्स के तुलना में इंस्टाग्राम पर कमेंट्स का माहौल दोनों ही विरोध प्रदर्शनों में काफी हद तक सकारात्मक बना रहा. जुलाई 2026 में नीट प्रोटेस्ट के दौरान इंस्टाग्राम पोस्ट्स पर भारी-भरकम 77 प्रतिशत पॉजिटिव कमेंट्स दर्ज हुए थे, जबकि नेगेटिव कमेंट्स सिर्फ 23 प्रतिशत थे. सीईसी प्रोटेस्ट के समय भी इंस्टाग्राम पर यही ट्रेंड कायम रहा, जहां पॉजिटिव कमेंट्स 75 प्रतिशत पर रहे और नेगेटिव कमेंट्स का दायरा मामूली सा बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंचा. इससे स्पष्ट होता है कि इंस्टाग्राम का यूजर बेस ऐसे मुद्दों पर सीजेपी के पक्ष में अधिक नजर आया.
सोशल मीडिया ऑडियंस का अलग-अलग मिजाज
डेटाबिंग्स की यह विस्तृत रिपोर्ट साबित करती है कि एक्स पर जहां बहस, आलोचना और नेगेटिव कमेंट्स का दबदबा ज्यादा देखने को मिला, वहीं इंस्टाग्राम पर विजुअल कंटेंट और सीजेपी के पक्ष वाली राय को अधिक समर्थन मिला. सीईसी प्रोटेस्ट के दौरान एक्स पर एंगेजमेंट बढ़ने के साथ-साथ आलोचना का ग्राफ 83 प्रतिशत तक पहुंच जाना यह दिखाता है कि नीतिगत व सामाजिक विरोध की लहर डिजिटल स्पेस पर अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के हिसाब से किस तरह अपनी दिशा बदलती है.
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