Death Science: पीढ़ियों से लोग यह सोचते आ रहे हैं कि क्या कोई इंसान मरने के बाद भी अपने परिवार के सदस्यों की आवाज सुन सकता है? आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के मुताबिक जिस व्यक्ति की पूरी तरह से जैविक और मस्तिष्क मृत्यु हो चुकी है वह परिवार के सदस्यों की आवाज के साथ-साथ कोई भी आवाज नहीं सुन सकता. हालांकि अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में मौत के बाद क्या होता है इसके बारे में अलग-अलग बातें कही गई हैं.
विज्ञान क्या कहता है?
चिकित्सा विज्ञान बताता है कि सुनना सिर्फ कानों तक ही सीमित नहीं है. आवाज को समझने के लिए ध्वनि तरंगों को कानों से गुजरना होता है और मस्तिष्क के खास हिस्सों द्वारा उन्हें प्रोसेस किया जाना जरूरी होता है.
मौत के बाद दिमाग काम करना बंद कर देता है
जब किसी व्यक्ति की मौत होती है तो दिमाग तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है. कुछ ही मिनट के अंदर दिमाग की कोशिकाओं को ऐसा नुकसान पहुंचता है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता. एक बार जब पूरी तरह से दिमाग की मृत्यु हो जाती है तो सुनने, समझने और आवाज पर प्रतिक्रिया देने वाले हिस्से हमेशा के लिए काम करना बंद कर देते हैं.
मरने की प्रक्रिया के दौरान एक छोटा सा समय
शोधकर्ताओं ने यह देखा है कि दिल की धड़कन रुकने के बाद भी कुछ समय तक दिमाग की गतिविधि जारी रह सकती है. इसे अक्सर सक्रिय मृत्यु प्रक्रिया कहा जाता है. हालांकि यह काफी कम समय में होता है, सिर्फ कुछ ही मिनट के लिए. एक बार जब जैविक मृत्यु पूरी हो जाती है तो शरीर के सिस्टम काम करना बंद कर देते हैं, तो सुनने और दूसरे सभी संवेदी काम पूरी तरह से बंद हो जाते हैं.
मौत के बाद सुनना असंभव क्यों?
कानों को ध्वनि तरंगें मिलनी चाहिए. इसी के साथ नसों को दिमाग तक संकेत पहुंचाने चाहिए. साथ ही दिमाग को उन संकेतों को प्रोसेस करना और उनका अर्थ समझना चाहिए. मौत के बाद यह पूरा सिस्टम काम करना बंद कर देता है.
आत्मा के बारे में धार्मिक मान्यता
हिंदू ग्रंथ गरुड़ पुराण के मुताबिक मौत के बाद आत्मा शरीर से अलग हो जाती है और कुछ समय तक परिवार और घर के आसपास रह सकती है. ग्रंथ बताता है कि आत्मा अपने अंतिम संस्कार से जुड़ी घटनाओं को देख सकती है और प्रियजनों के दुख को महसूस कर सकती है. हालांकि यह माना जाता है कि इस तरह का अनुभव आत्मा के आध्यात्मिक अस्तित्व के जरिए से होता है ना कि मृत शरीर के भौतिक कानों के जरिए से.
शरीर सुन नहीं सकता
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक आत्मा के शरीर से अलग हो जाने के बाद भौतिक शरीर की सारी चेतन खत्म हो जाती है. इस वजह से शरीर ना तो सुन सकता है, ना बोल सकता है और ना ही कोई प्रतिक्रिया दे सकता है.
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