Bmc Election Results 2026: मुंबई की सियासी धड़कनें तेज हैं. जिस संस्था का बजट कई राज्यों से टक्कर लेता है, जिसके फैसले सीधे करोड़ों लोगों की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, आज उसी पर सबकी नजर है. नगर निगम का चुनाव भले स्थानीय लगे, लेकिन मुंबई में यह सत्ता की सबसे बड़ी परीक्षा मानी जाती है. सवाल सिर्फ कुर्सी का नहीं, बल्कि उस मिनी सरकार का है जो सड़क से लेकर अस्पताल, पानी से लेकर परिवहन तक सब कुछ संभालती है. आइए जानें कि आखिर बीएमसी के अंडर क्या-क्या आता है?

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क्यों खास है बीएमसी?

मुंबई में आज नगर निगम चुनावों की मतगणना शुरू हो चुकी है. सुबह 10 बजे से महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के नतीजे सामने आ रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी की है. 227 वार्डों के लिए 52.94 फीसदी मतदान हुआ था. वोटों की गिनती के लिए 23 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं. वजह साफ है कि बीएमसी देश की सबसे अमीर और ताकतवर नगर निगम मानी जाती है.

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बीएमसी का इतिहास और सियासी महत्व

बीएमसी की स्थापना साल 1865 में हुई थी. यह सिर्फ एक नगर निगम नहीं, बल्कि मुंबई की स्थानीय सरकार की तरह काम करती है. पिछले दो दशकों से अधिक समय तक इस पर शिवसेना का दबदबा रहा. अब शिवसेना के दो धड़े हैं- एक का नेतृत्व उद्धव ठाकरे (यूबीटी) कर रहे हैं, जबकि दूसरे धड़े की कमान एकनाथ शिंदे के हाथ में है. इसी कारण बीएमसी का चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है.

मुंबई की सड़कें- बीएमसी की बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई में करीब 2,050 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क है. इन सड़कों का निर्माण, रखरखाव और मरम्मत बीएमसी की जिम्मेदारी है. गड्ढों से निपटना हमेशा बड़ी चुनौती रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए बीएमसी लगभग 700 किलोमीटर सड़कों को सीमेंट कंक्रीट में बदलने का काम कर रही है, जिस पर करीब 17,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसका मकसद खासतौर पर मानसून में सड़कों को ज्यादा टिकाऊ बनाना है. 

सात झीलों पर टिकी मुंबई

मुंबई की पेयजल आपूर्ति सात झीलों पर निर्भर है- तुलसी, विहार, भात्सा, तानसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा और मोडक सागर. इनमें से सिर्फ दो झीलें शहर की सीमा में हैं. बीएमसी इन सभी झीलों का प्रबंधन करती है, पानी को शुद्ध करती है और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए घर-घर तक पहुंचाती है. लीकेज ठीक करना और बढ़ती आबादी के हिसाब से व्यवस्था को अपडेट करना भी उसी की जिम्मेदारी है.

कचरा और सफाई

मुंबई में हर दिन 8,000 से 10,000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है. इसे इकट्ठा करना, प्रोसेसिंग प्लांट और लैंडफिल तक पहुंचाना बीएमसी का काम है. इसके साथ ही सड़कों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव और सीवेज ट्रीटमेंट भी नगर निगम संभालता है.

स्वास्थ्य और शिक्षा

बीएमसी देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में से एक चलाती है. इसके तहत चार मेडिकल कॉलेज अस्पताल, 16 सामान्य अस्पताल, चार विशेष अस्पताल, डिस्पेंसरी और मातृत्व गृह आते हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान बीएमसी की भूमिका पूरे देश में चर्चा का विषय रही है. शिक्षा के क्षेत्र में बीएमसी 1,100 से ज्यादा नगरपालिका स्कूल चलाती है. इनमें से कई स्कूल सीबीएसई से जुड़े हैं और गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों को कम खर्च में पढ़ाई का मौका देते हैं.

बड़े प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर

फ्लाईओवर, पुल, सबवे और लिंक रोड बनाना भी बीएमसी की जिम्मेदारी है. मुंबई कोस्टल रोड इसका बड़ा उदाहरण है, जिसे 2024 में खोला गया है. इससे मरीन ड्राइव से बांद्रा का सफर 10 मिनट से भी कम में तय होने लगा. इसके अलावा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड और वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड जैसे प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं. बीएमसी शहर में 340 से ज्यादा पुलों और स्काईवॉक का रखरखाव करती है.

बस, पार्क और खुली जगहें

बीएमसी, BEST बस सेवा की मूल संस्था है. मुंबई और उपनगरों में 2,500 से ज्यादा बसें चलती हैं. चालू साल में BEST के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. इसके अलावा बीएमसी 26 ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग, 350 से ज्यादा ऑन-स्ट्रीट पार्किंग और 800 से अधिक उद्यानों व खुले स्थानों की देखरेख करती है.

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