सर्दियों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं और अगर आप भी इन छुट्टियों में भारत से बाहर घूमने का प्लान बना रहे हैं और आपकी लिस्ट में बांग्लादेश का नाम है, तो जरा संभल जाइए. क्योंकि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और उनके देश छोड़कर भारत आ जाने के बाद बांग्लादेशी लोगों और वहां की सरकार के भारत विरोधी कदम और बयान किसी से छिपे नहीं हैं. चाहे वह भारत के नॉर्थ ईस्ट को कब्जाने की बात हो या चिकन नेक पर दिए गए भारत विरोधी बयान, यह उनकी भारत से नफरत वाली नीति को दिखाते हैं. हाल ही में हुए छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद स्थिति और बिगड़ गई है. भारत से भी टूरिस्ट बांग्लादेश घूमने जाते थे, खासकर बंदरबन और ढाका जैसी टूरिस्ट जगहों पर, लेकिन वर्तमान में इन इलाकों और टूरिस्ट प्लेसों की स्थिति काफी भयावह है.

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चटगांव

चटगांव बांग्लादेश के सबसे महत्वपूर्ण इलाकों में से एक है, जहां हाल ही में भारतीय वीज़ा कार्यालय पर हमला हुआ है और लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया गया है. भारत से बहुत सारे टूरिस्ट चटगांव घूमने के लिए जाते थे. यहां पटेंगा बीच, फॉयस लेक, एथनिक म्यूजियम और बायेजिद बोस्तामी दरगाह जैसी जगहें मशहूर हैं, लेकिन बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शन की वजह से अब ये जगहें टूरिज्म के लिहाज से काफी खतरनाक हो चुकी हैं. भारत विरोधी बयानबाजी और प्रदर्शनों के बाद ये इलाके सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि किसी भी देश के टूरिस्ट्स के लिए सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं.

बंदरबन 

कई टूरिस्ट बांग्लादेश के बंदरबन घूमने के लिए जाते थे, जो एक पहाड़ी इलाका है. यहां घूमने के लिए कई जगहें हैं और इसे बांग्लादेश में पहाड़ियों की रानी के रूप में जाना जाता है. यहां नीलगिरी, बोगा लेक, नफाखुम जलप्रपात और गोल्डन टेंपल जैसी मशहूर जगहें हैं, लेकिन यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से काफी खतरनाक माना जाता है. सालों से चल रही राजनीतिक हिंसा, जातीय दंगे और सशस्त्र समूहों की सरकार और सेना से लड़ाई के कारण अब यह इलाका सुरक्षित नहीं रहा है.

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ढाका 

बांग्लादेश घूमने वालों की लिस्ट में राजधानी ढाका सबसे अहम टूरिस्ट स्पॉट माना जाता था, लेकिन अब यह सुरक्षा के लिहाज से बहुत खतरनाक हो गया है. आए दिन दंगे, विरोध प्रदर्शन और जनता व पुलिस बल के बीच झड़पें होना आम बात हो गई है. हाल ही में छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है.

कॉक्स बाजार

बांग्लादेश का कॉक्स बाजार कभी टूरिस्ट्स की सबसे पसंदीदा जगह हुआ करता था. यह इलाका अपने प्राकृतिक सौंदर्य और समुद्री तटों के लिए मशहूर था. यहां दुनिया का सबसे बड़ा रोहिंग्या मुसलमानों का कैंप भी मौजूद है, जहां बाहर से आने वाले लोग जिज्ञासा के तहत जाते थे. हालांकि टूरिस्ट्स की आवाजाही पहले ही सीमित रहती थी, लेकिन स्थानीय अपराध और लूटपाट के मामलों के बाद अब यहां जाना सुरक्षित नहीं माना जा रहा है. बड़ी रोहिंग्या आबादी होने के कारण यह इलाका अक्सर हाई अलर्ट पर रहता है.

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