Aamir Khan Marriage: बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान एक बार फिर से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक दो बार शादी कर चुके यह एक्टर अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट से शादी करने की तैयारी कर रहे हैं. इस खबर ने फैंस और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा छेड़ दी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि एक से ज्यादा शादियों के बारे में इस्लामी कानून क्या कहता है और कब निकाह करना मना या फिर हराम हो जाता है.
इस्लाम में शादी की क्या सीमा है?
पारंपरिक इस्लामी कानून के मुताबिक एक मुस्लिम पुरुष को एक ही समय में चार पत्नियां रखने की इजाजत है. बशर्ते वह उनके साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करे और हर एक के प्रति अपनी जिम्मेदारियां पूरी करे. एक से ज्यादा शादियों की इजाजत न्याय, आर्थिक मदद और समान व्यवहार जैसी कड़ी शर्तों के साथ मिलती है. इस्लामिक विद्वान इस बात पर जोर देते हैं कि यह जिम्मेदारियां इस प्रथा का मुख्य हिस्सा हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
निकाह कब हराम हो जाता है?
इस्लामिक कानून के तहत पहले से चार पत्नियां होने पर पांचवीं शादी करना मना माना जाता है. दूसरे शब्दों में अगर कोई पुरुष एक ही समय में कानूनी तौर पर चार महिलाओं से शादीशुदा है तो वह पांचवा निकाह नहीं कर सकता, जब तक कि मौजूदा शादियों में से कोई एक तलाक या फिर जीवनसाथी की मौत की वजह से खत्म ना हो जाए. यह पाबंदी किसी व्यक्ति की पूरी जिंदगी में कुल शादियों की संख्या पर नहीं बल्कि एक समय में चल रही शादियों की संख्या पर लागू होती है.
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जिंदगी भर में शादियों की सीमा
इस्लाम किसी व्यक्ति की शादियों की संख्या पर जिंदगी भर के लिए कोई तय सीमा नहीं लगाता है. जिस पुरुष ने अपनी पत्नी को तलाक दिया हो या फिर जिसकी पत्नी का निधन हो गया हो वह बाद में दोबारा शादी कर सकता है. शर्त यह है कि एक ही समय में वैध वैवाहिक रिश्ते में पत्नियों की संख्या चार से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
आमिर खान की पिछली शादियां
आमिर खान की पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से हुई थी. यह जोड़ा कई सालों तक साथ रहा और 2002 में उनका तलाक हो गया. 2005 में उन्होंने फिल्म मेकर किरण राव से शादी की. इस जोड़े ने 2021 में अलग होने की घोषणा की और कहा कि वे अपने बेटे की परवरिश मिलकर करते रहेंगे और पेशेवर तौर पर भी साथ काम करते रहेंगे.
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