निर्णय- असत्य




    इस वीडियो में लव जिहाद का कोई एंगल नहीं है. वह व्यक्ति हिन्दू है जिसकी पिटाई स्कूली छात्रा से कथित छेड़छाड़ के बाद 2020 में अंबाला में हुई थी.


संदर्भ


एक शख्स के साथ मारपीट करती भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ‘लव जिहाद’ के झूठे दावे से वायरल है. वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया, “हिंदू बनकर मुसलिम युवक ने हिंदू लड़की से मोहब्बत की. जब लड़की को पता चला कि यह लव जिहाद है तो क्या हुआ, वीडियो में दिखाया गया है.”


वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग एक शख्स की पिटाई कर रहे हैं और उसके कपड़े उतार रहे हैं. ये वीडियो अलग-अलग भाषाओं- हिन्दी और कन्नड़- में इसी दावे के साथ शेयर किया गया. दावा झूठा है. यह वीडियो अंबाला सिटी में साल 2020 की घटना है. मामले में आरोपी हिंदू शख्स था और उसकी पिटाई स्कूली लड़कियों को कथित तौर पर परेशान करने के बाद की गई थी.


सच्चाई
रिवर्स इमेज सर्च के जरिए हमें पता चला कि यह वीडियो हरियाणा के अंबाला का है. एक यूट्यूब चैनल ने 20 जनवरी 2020 को इस वीडियो को अपलोड किया था. हिन्दी में लिखे कैप्शन में बताया गया है कि सरेआम बाजार में महिलाओं ने एक शख्स के कपड़े उतारे और फिर उसकी पिटाई की.


एक और यूड्यूब चैनल पर भी मिला  यह वीडियो मिला. 1:03 मिनट पर वही वायरल वीडियो देखा जा सकता है. वीडियो में बताया गया है कि शख्स की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई.


वीडियो में जितेंद्र कुमार नाम का व्यक्ति यह कहते सुना जा सकता है कि स्कूली छात्रा की मां ने उसे नंगा कर दिया, क्योंकि महिला ने उसे अपनी बेटी को तंग करते हुए पकड़ा था. वायरल वीडियो में व्यक्ति के कपड़े उतारती दिख रही महिला खुद को स्कूली लड़की की मां भी बता रही है. वह कहती हैं कि एक आदमी उनकी बेटी और स्कूल जाती एक अन्य लड़की का यौन उत्पीड़न कर रहा था और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. 


अंबाला महिला थाने की SHO सुनीता ढाका ने पुष्टि की है कि वीडियो में दिख रही घटना को लेकर FIR दर्ज कर ली गई है. 


लॉजिकली फैक्ट्स ने आरोपी के धर्म को लेकर किए जा रहे दावों पर स्पष्टीकरण के लिए सुनीता ढाका से संपर्क किया.उन्होंने कहा, “ये दावा गलत है. दोनों पक्ष हिन्दू समुदाय से हैं, एक भी मुस्लिम नहीं है.” पुलिस ने FIR की कॉपी सार्वजनिक नहीं की है. क्योंकि यह पॉक्सो (प्रॉटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज़) का मामला है. 21 जनवरी 2020 को एक मीडिया रिपोर्ट में भी SHO ढाका ने शख्स को पवन के रूप में चिन्हित किया था.”


फैसला
2020 के वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा वो शख्स मुस्लिम समुदाय से नहीं है, जिसे महिला ने निर्वस्त्र कर पीटा. पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी और पीड़ित एक ही समुदाय के हैं.


डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट पहले logicallyfacts.com पर छपी थी. स्पेशल अरेंजमेंट के साथ इस स्टोरी को एबीपी लाइव हिंदी में रिपब्लिश किया गया है. एबीपी लाइव हिंदी ने हेडलाइन, कंटेंट और फोटो में बदलाव करके रिपोर्ट को रिपब्लिश किया है.