81 वर्षीय बंगाली अभिनेता कल्याण चटर्जी ने रविवार (7 दिसंबर) देर रात पश्चिम बंगाल के एमआर बांगुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अंतिम सांस ली. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कल्याण का निधन टाइफाइड और उम्र संबंधी बीमारियों के इलाज के दौरान हुआ. वहीं दिग्गज अभिनेत के निधन से बंगाली सिनेमा में शोक की लहर दौड़ गई है. तमाम फैंस और सेलेब्स दिवंगत अभिनेता को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

पीढ़ियों के बीच एक समृद्ध करियरकल्याण चटर्जी ने 1968 की फिल्म 'अपंजन' से अपने करियर की शुरुआत की थी. दशकों में, उन्होंने 400 से ज़्यादा फिल्मों में अभिनय किया. कल्याण मुख्य रूप से सपोर्टिंग रोल में ही नज़र आए. आम बंगाली व्यक्ति के किरदारों को बहुत ही ऑथेंटिसिटी के साथ निभाकर वे एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए थे. कल्याण के यादगार अभिनय में ‘धन्य मेये’, ‘दुई पृथ्वीबी’, ‘सबुज द्वीपेर राजा’, ‘बैशे श्राबोन’ शामिल हैं. उन्होंने सत्यजीत रे जैसे शानदार निर्देशकों के साथ भी काम किया और 1970 में रिलीज़ हुई ‘प्रतिद्वंदी’ में भी काम किया.

 

हिंदी सिनेमा में भी किया था कामकल्याण चटर्जी का काम बंगाली सिनेमा से परे भी फैला हुआ था. उन्होंने हिंदी फ़िल्मों में भी कई भूमिकाएं निभाई थी. वे कल्याण सुजॉय घोष की थ्रिलर फ़िल्म 'कहानी' में नज़र आए थे. जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा में भी पहचान मिली.  निर्देशक तपन सिन्हा और अरबिंद मुखोपाध्याय ने अक्सर उन्हें अपनी फ़िल्मों में लिया. पश्चिम बंगाल मोशन पिक्चर आर्टिस्ट फ़ोरम द्वारा जारी एक बयान में, फ़िल्म जगत ने कल्याण चटर्जी को "हमारे सबसे मूल्यवान सदस्यों में से एक" के रूप में याद किया और उनके निधन पर गहरा शोक जाहिर किया है. कलिग्स, को-एक्टर और सोशल मीडिया फैंस दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

  कल्याण को उनकी नेचुरल एक्टिंग के लिए काफी सराहना मिली थी . उनके कुछ फेमस कार्यों में 'पार', 'सगीना', 'द वेटिंग सिटी', 'चटगांव', 'सोना दादू', 'तानसेनर तानपुरा' (वेब ​​सीरीज), 'हेटई रोइलो पिस्टल', 'नॉटुन डायनर' शामिल हैं। अलो', 'तिस्ता पारेर कैन्या', 'स्पर्शा', 'फिरे फिरे चाय', 'द वाल्ट्ज', 'प्राइवेट प्रैक्टिस', 'पोस्टमास्टर (फिल्म)', 'कोनो एक रोबिबार', और 'एकटु भालोबासर जन्नो'