मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना को उनके शो इंडियाज गॉट लैटेंट के पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि कॉमेडियन अदालत के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं. इसके बाद अदालत ने समय रैना पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा इस मामले में पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया और यूट्यूबर आशीष चंचलानी पर भी जुर्माना लगाया गया है.
अदालत को गुमराह किया है
समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया के खिलाफ सख्त लहजे में टिप्पणी की. अदालत ने इस बात पर चिंता जताई है कि दोनों पहले के निर्देशों को फॉलो नहीं कर रहे हैं. समय और रणवीर के इस कदम को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उन पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया. उन्हें दो सप्ताह के भीतर ये रकम जमा करनी होगी. अदालत ने कहा है कि समय ने अदालत को गुमराह किया है.
क्यों लगाया समय रैना पर जुर्माना?
बता दें कि समय रैना ने अपने शो पर दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाया था. इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाया गया था. इस केस में उनके अलावा चार और अन्य लोगों के नाम थे. कोर्ट ने समय को आदेश दिया था कि वो अपने शो में दिव्यांगों को इनवाइट करें. वहीं समय के साथ अन्य लोगों को निर्देश देते हुए कोर्ट ने कहा था कि वे दिव्यांग लोगों के इलाज के लिए बनाए गए फंड की मदद करते हुए हर महीने दो इवेंट कम से कम आयोजित करें. हालांकि समय और बाकी लोगों की तरफ से ऐसा कुछ नहीं किया गया. अपने निर्देशों का उल्लंघन होते हुए देखकर अब सुप्रीम कोर्ट ने उन पर जुर्माना लगाया है.
विपक्षी वकील और समय के वकील ने क्या कहा?
दिव्यांग जनों को लेकर की गई समय रैना की टप्पणी के बाद उनके खिलाफ 'क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन' नाम के एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. अब एनजीओ की ओर से पेश सीनियर वकील अपराजिता सिंह ने दावा करते हुए बताया कि समय को जो निर्देश दिए गए थे उसके मुताबिक उन्होंने कभी किसी दिव्यांग व्यक्ति से कॉन्टैक्ट नहीं किया. दूसरी ओर समय के वकील ने कहा कि दिव्यांगों के लिए समय ने अपने शो के जरिए 9 लाख रुपये इकट्ठा किए थे. हालांकि अपराजिता सिंह ने कहा, 'हमें उनसे कोई पैसा नहीं चाहिए.'
