श्रीदेवी बॉलीवुड की सुपरस्टार थीं. उन्होंने अपने करियर में तमाम ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं और कई यादगार किरदार निभाए थे. श्रीदेवी अपने प्रोफेशनलिज्म के लिए भी फेमस थी. हाल ही में एक इंटरव्यू में दिवंगत अभिनेत्री के पति बोनी कपूर ने श्रीदेवी के डेडीकेशन के बारे में खुलकर बात की, जिसने उन्हें ऑल टाइम लीजेंडरी एक्ट्रेस में से एक बना दिया था.
अपने काम के प्रति बेहद डेडीकेटेड थीं श्रीदेवीबोनी कपूर ने बताया कि श्रीदेवी में इनसिक्योरिटी की भावनाएं कम नहीं थीं और एक समय ऐसा भी था जब उन्हें लगता था कि लैंग्वेज बैरियर के कारण हिंदी फिल्मों में उनकी एक्टिंग प्रभावित हो रही है. यूट्यूब चैनल गेम चेंजर्स पर बात करते हुए, बोनी ने कहा, "श्रीदेवी हिंदी नहीं जानती थीं. हिंदी सिनेमा में उनकी शुरुआती 5-6 फ़िल्में डब की गई थीं, लेकिन उन्हें लगा कि इससे उनके अभिनय पर असर पड़ रहा है, इसलिए उन्होंने हिंदी सीखी. डबिंग थिएटर में उनके एक हिंदी टीचर थे और उन्होंने हिंदी फ़िल्मों की डबिंग शुरू कर दी थी."
बोनी कपूर ने बताया कि कैसे श्रीदेवी का डेडीकेशन कभी कम नहीं हुआ और कैसे वह अपनी आखिरी फ़िल्म मॉम में भी अपने काम को लेकर एक्टिव रहीं, जिसे बोनी ने ही फाइनेंस किया था. इस बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा, "फ़िल्म मॉम के लिए, उन्होंने तमिल और तेलुगु वर्जन के लिए डबिंग की, और उन्होंने मलयालम वर्जन के लिए भी थोड़ी-बहुत डबिंग की, लेकिन वह हमेशा मलयालम डबिंग कलाकार के साथ बैठकर यह देखती थीं कि डबिंग उनके अभिनय के साथ तालमेल बिठा रही है या नहीं. बहुत कम कलाकारों में इतना डेडीकेशन होता है."
श्रीदेवी ने बोनी कपूर संग रूम शेयर करने से कर दिया था इंकारबोनी कपूर ने मॉम प्रोडक्शन से जुड़ा एक और किस्सा शेयर किया जब श्रीदेवी ने ध्यान भटकने से बचने के लिए उनके साथ कमरा शेयर करने से इनकार कर दिया था. बोनी ने खुलासा किया, "मॉम उस स्क्रिप्ट का 21वां वर्जन थी जिस पर हमने आखिरकार शूटिंग की. फ़िल्म का ज़्यादातर हिस्सा नोएडा, उत्तर प्रदेश और बाद में जॉर्जिया में शूट हुआ था. लेकिन इस दौरान हमने कभी एक कमरा शेयर नहीं किया. श्रीदेवी ने कहा कि वह किसी भी तरह का ध्यान भटकाना नहीं चाहती थीं. वह फ़िल्म में सिर्फ़ एक मां ही रहना चाहती थीं. "
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