अनुपम खेर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता हैं. उन्होंने अपने अब तक के करियर में  550 से ज्यादा फिल्मों में तमाम तरह के रोल निभाए हैं और हर किरदार से लोगों के दिलों में जगह बनाई है. 71 साल के अभिनेता ने अपने करियर की शुरुआत 'सारांश' से ही की थी और अपनी जवानी के दिनों में ही अपनी पहली फिल्म में एक बुजुर्ग की भूमिका निभाकर उन्होंने कर किसी को हैरान कर दिया था. हाल ही में एक एक्टर ने अपने लेटेस्ट नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' के साथ रंगमंच में वापसी के बारे में चर्चा करते हुए 'सारांश' के उनके करियर पर प्रभाव के बारे में बात की.

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सारांश में काम करने को लेकर अनुपर खेर को दी गई थी चेतावनीदरअसल ई टाइम्स को से बातचीत के दौरान महेश भट्ट द्वारा निर्देशित फिल्म साराशं में अनुपम खेर से उनके अभिनय के बारे में पूछा गया था. इस पर एक्टर ने कहा, "जब मैंने फिल्म करने का फैसला किया, तो बहुत से लोगों ने कहा कि आप एक बूढ़े आदमी की भूमिका निभा रहे हैं. मुझे चेतावनी दी गई थी, लेकिन मैंने सोचा, अगर मैं यह नहीं करूंगा, तो मैं सबसे बड़ा बेवकूफ साबित होऊंगा. यह कुछ ऐसा भी था जो मैंने इसलिए किया क्योंकि मैं यह साबित करना चाहता था कि मैं एक थिएटर अभिनेता हूं. मैं दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से हूं. इसलिए, मुझे इस बात की कोई चिंता नहीं थी कि मैं यह कर पाऊंगा या नहीं."

टाइपकास्टिंग को तोड़ा’पीछे मुड़कर देखते हुए, अभिनेता ने कहा कि उन्हें वह जोखिम उठाने का कोई पछतावा नहीं है. इसके बजाय, वह इस बात के लिए आभारी हैं कि वह कितनी दूर तक आए हैं. अभिनेताओं को एक ही तरह की भूमिकाओं में बांधने के इंडस्ट्री के ट्रेंड पर बात करते हुए, उन्होंने कहा, "इसके बाद भी, हमारे यहां एक ही तरह की भूमिकाओं में बांधने की एक बड़ी परंपरा है." उन्होंने कहा,मैंने इस तरह की टाइपकास्टिंग को तोड़ा. मैं 'कर्मा' कर रहा था. मैं 'राम लक्ष्मण' भी कर रहा था. मैं और भी कई तरह की फिल्में कर रहा था क्योंकि असफलता का डर ही लोगों को साधारण बना देता है. मुझमें वह डर नहीं है.”

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‘37 रुपये लेकर मुंबई आया था’अनुपम खेर ने आगे कहा,” मैं मुंबई शहर में सिर्फ 37 रुपये लेकर आया था. मुझे लगता है कि अगर आप अपनी शुरुआत की जगह पर वापस जाते हैं, तो आप हमेशा खुद को पहले से कहीं बेहतर पाते हैं. मैं अपने पिछले साल के इनकम टैक्स रिटर्न की तुलना नहीं करता. मैं कहता हूं, 1981 में मैं 37 रुपये लेकर आया था. इसके हिसाब से मैं हमेशा अच्छा करूंगा. अभिनेता ने कहा कि उपलब्धियों की लगातार तुलना करने के बजाय अपनी शुरुआत से सफलता को मापना, उन्हें अपने पूरे करियर में जमीन से जुड़े रहने में मदद करता है.

अनुपम खेर वर्क फ्रंटवर्क फ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर फिलहाल अपने थिएटर प्रोडक्शन 'जाने पहचाने अनजाने' में बिजी हैं. उन्होंने पिछले साल 'तन्वी द ग्रेट' का निर्देशन भी किया था, जिसे क्रिटिक्स से काफी सराहना मिली थी.