मुंबई: 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में जन्मे अमिताभ बच्चन 76 साल की उम्र में भी हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह कायम किए हुए हैं. ये उनकी कड़ी मेहनत और वक्त पड़ने पर सही फैसला करने की काबिलियत की वजह से ही मुमकिन हो पाया है. अमिताभ बच्चन 15 फरवरी को सिनेमा की चकाचौंध भरी दुनिया में 50 साल का सफर पूरा करने जा रहे हैं. साल 1969 में इसी दिन अमिताभ ने अपनी पहली फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ साइन की थी. हालांकि, फिल्मों में कदम रखना अमिताभ बच्चन के लिए आसान तो कतई नहीं रहा.


फिल्मफेयर के टैलेंट कॉन्टेस्ट में भाग लेना चाहते थे बिग बी
मुंबई आने से पहले ही अमिताभ बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं. कोलकाता (उस वक्त के कलकत्ता) में नौकरी के दौरान उन्होंने फिल्मफेयर और माधुरी मैगज़ीन के एक टैलेंट कॉन्टेस्ट में अप्लाई किया था, हालांकि उस वक्त उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया. इस कहानी को बिग बी ने अपने एक इंटरव्यू में कुछ यूं बयान किया, “कलकत्ते (कोलकाता) में नौकरी कर रहा था. एक टैलेंट कॉन्टेस्ट ऑर्गनाइज़ हुआ था, फिल्मफेयर और माधुरी, जो कि फिल्म हिंदी मैगज़ीन थी उनके द्वारा. और उसमें वो नए लोगों को, नए कलाकारों को मौका देते थे. मुझे ऐसा लगा कि ये एक सही जगह है, जिससे कि फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश किया जा सकता है. उसमें मैंने अप्लाई किया और मैं रिजेक्ट हो गया.



(तस्वीर: अमिताभ बच्चन -ट्विटर)

कैसे मिली सात हिंदुस्तानी’ ?
सदी के महानायक’ का दर्जा रखने वाले अमिताभ बच्चन को उनकी पहली फिल्म कैसे मिली इसकी कहानी भी बेहद दिलचस्प है. डेब्यू फिल्म कैसे मिली, इसका जवाब एक इंटरव्यू में बिग बी ने कुछ यूं दिया, “ख्वाजा अहमद अब्बास साब ‘सात हिंदुस्तानी’ बना रहे थे, उन्हें नए लोगों की खोज थी. हमारे छोटे भाई साहब मुंबई में ही पोस्टेड थे, उन्हें पता चला. उन्होंने मेरी फोटो वहां भेजी, उनको (के.ए. अब्बास को) मुझसे मिलने की आशा हुई, मैं बॉम्बे (मुंबई) गया और उनसे मिला और उसके बाद वो पहला रोल मिला मुझे.”


टीनू आनंद के फिल्म छोड़ने के बाद बिग बी को मिला था रोल
इसके अलावा इस कहानी का एक और पहलू भी है. दरअसल अमिताभ बच्चन से पहले ये रोल टीनू आनंद को मिला था. लेकिन ऐन मौके पर टीनू ने फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया. उनके इनकार की वजह ये थी कि वो दिग्गज निर्देशक सत्यजीत रे के साथ काम करना चाहते थे और फिल्म निर्देशन की कला सीखना चाहते थे. उन्होंने इसके लिए पहले से ही अप्लाई किया हुआ था. फिल्म शुरू होने से कुछ रोज़ पहले ही टीनू को सत्यजीत रे को असिस्ट करने का ऑफर मिला. यही वजह थी कि वो फिल्म से अलग हो गए.


शूटिंग शुरू होने से चंद रोज़ पहले टीनू आनंद का फिल्म से अलग होना निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा था. लिहाजा ख्वाजा अहमद अब्बास ने टीनू आनंद से कहा कि वो फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले अपने रोल के लिए किसी और को लेकर आए. उन दिनों टीनू की करीबी दोस्त ने उन्हें अमिताभ की तस्वीर दी थी और कहा था कि इस लड़के को हिंदी सिनेमा में कोई काम दिलाओ. टीनू ने फौरन वो तस्वीर ख्वाजा अहमद अब्बास को दी और ऑडिशन के लिए अमिताभ बच्चन को मुंबई बुलवा लिया.



(तस्वीर: अमिताभ बच्चन -ट्विटर)

टीनू आनंद ने बताया कैसे दी थी के.ए. अब्बास को बिग बी की तस्वीर
इस वाकये को टीनू आनंद ने एक इंटरव्यू में इस तरह बयान किया था, “उन दिनों में क्योंकि मैं फ्री था. अब्बास साब हमारे बहुत ही करीबी फैमिली मेंबर थे. अब्बास साब एक पिक्चर बना रहे थे ‘सात हिंदुस्तानी’. और अब्बास साब वैसे भी बहुत कम पैसे देते थे. क्योंकि मैं उनके बेटे की तरह था. उन्होंने कहा बेटे तुम काम करोगे. मैंने कहा हां जी करुंगा, क्यों नहीं करुंगा. उन्होंने कहा कि सात हिंदुस्तानी में एक रोल है तुम्हारे लिए बहुत अच्छा, तुम एक्टिंग करो. मैंने कहा, ज़रूर करेंगे. रोज़ हम जाते थे उनके ऑफिस में. रोज़ शाम को ऑडिशन्स भी होते थे दूसरे लोगों के, दूसरे एक्टरों के.”


ख्वाजा अहमद अब्बास तक अमिताभ की तस्वीर कैसे पहुंची इसका ज़िक्र टीनू आनंद ने कुछ यूं किया, “ अब्बास साब का टेंपर जो है, बहुत खराब था. उसने सोच लिया कि अगर ये तस्वीर पहुंचानी है अब्बास साब के पास में, तो टीनू को दे दो, टीनू बहुत नज़दीक है, उनके ऊपर चिल्लाते नहीं हैं कभी. हमने सिर्फ अमित जी की तस्वीर दी थी, कि ये एक्टिंग के शौकीन हैं. कलकत्ते में काम करते हैं. अगर आप इनको बुला लें, तो ये आपको ऑडिशन दे सकते हैं. अपने पैसों पर आएगा वो और आपको ऑडिशन देगा. अमित जी की एंट्री ऐसे हुई थी.”


अमिताभ बच्चन को 'सात हिंदुस्तानी' कैसे मिली इसको लेकर कई तरह की कहानियां सुनने को मिल जाती हैं. हालांकि मिस्टर बच्चन और टीनू आनंद ने जो कहानी बयान की है वो ही सच है. ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा उत्पल दत्त, जलाल आग़ा, अनवर अली, मधु, शहनाज़ वहानवती, सुखदेव और इरशाद जैसे कलाकार थे. फिल्म 7 नवंबर 1969 को रिलीज़ हुई थी.