बिहार में 'हिजाब विवाद' गर्माया हुआ है. ये मामला तब सामने आया, जब मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने 15 दिसंबर को आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम में एक महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब हटाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और विवाद ने तूल पकड़ लिया. इस बीच विवाद पर भोजपुरी फिल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने भी अपनी राय जाहिर की है.
हिजाब विवाद पर नितीश कुमार की निंदा करने से आम्रपाली दुबे भी खुद को रोक नहीं पाईं, एक्ट्रेस ने कहा- 'मेरा मानना है कि कपड़े हर व्यक्ति की अपनी पसंद का हिस्सा हैं. लेकिन अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए. किसी भी परिस्थिति में दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है.'
जावेद अख्तर भी कर चुके हैं नितीश कुमार की निंदा आम्रपाली दुबे के पहले हिजाब विवाद पर दिग्गज लेखक और कवि जावेद अख्तर ने भी इस घटना की कड़ी आलोचना की और कहा कि मुख्यमंत्री को महिला से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जो भी मुझे थोड़ा बहुत भी जानता है, वह जानता है कि मैं पर्दा की पारंपरिक अवधारणा के कितना खिलाफ हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं किसी भी तरह से यह स्वीकार कर लूं कि नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ जो किया, वो सही किया है. मैं इसकी कड़ी शब्दों में निंदा करता हूं. सीएम नीतीश कुमार को उस महिला से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए'.
कैसे शुरू हुआ विवाद ?दरअसल ये विवाद बिहार के आयुष डॉक्टर नियुक्ति कार्यक्रम में शुरू हुआ, जब एक मुस्लिम महिला डॉक्टर हिजाब पहनकर नियुक्ति पत्र लेने आई. इसी दौरान मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने महिला के चेहरे से हिजाब हटा दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसे लेकर कई सवाल उठने लगे कि क्या हिजाब पहनना सरकारी नियमों के मुताबिक है या नहीं.