पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 छिटपुट हिंसा की खबरों के साथ संपन्न हुआ. राज्य में पहले चरण में 93.13 फीसदी और दूसरे में 91.66 फीसदी मतदान हुआ, जो आजादी के बाद का अब तक का सर्वाधिक मतदान है. इस रिकॉर्ड वोटिंग को बीजेपी और टीएमसी दोनों ही पार्टियां अपने पक्ष में बता रही है. इस बीच गुरुवार (30 अप्रैल 2026) को टुडेज चाणक्या की ओर से जारी एग्जिट पोल में बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलने की संभावना है.
बंगाल में बीजेपी को बहुमत: टुडेज चाणक्या
टुडेज चाणक्या एग्जिट पोल में बीजेपी को 192, टीएमसी को 100 और अन्य को 2 सीटें मिलने की संभावना है. वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी को सबसे अधिक 48 फीसदी, टीएमसी को 38 फीसदी और अन्य को 14 फीसदी वोट मिल सकता है. सर्वे में दावा किया गया है कि पिछड़ों और दलितों का वोट बीजेपी को पड़ा है तो वहीं मुस्लिमों का अधिकतर वोट ममता बनर्जी की टीएमसी पार्टी के पक्ष में गया है.
ममता को 71 फीसदी मुसलमानों का वोट
टुडेज चाणक्या एग्जिट पोल के अनुसार पश्चिम बंगाल में 71 फीसदी मुस्लिमों ने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के उम्मीदवारों को वोट किया है. वहीं केवल 8 फीसदी मुस्लिमों ने बीजेपी को वोट दिया है. हालांकि बीजेपी को ओबीसी और SC/ST का भरपूर साथ मिला है. सर्वे की मानें तो 61 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने बीजेपी को वोट दिया और 27 फीसदी ने टीएमसी को वोट किया. इसके अलावा 67 फीसदी एससी और 53 फीसदी एसटी ने बीजेपी को वोट किया है. वहीं 22 फीसदी एससी और 40 फीसदी एसटी ने टीएमसी को वोट किया.
पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने घुसपैठिए और महिला सुरक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था. अगर एग्जिट पोल के ये आंकड़े सही साबित होते हैं तो टीएमसी के लिए ये बड़ा झटका साबित होगा. क्योंकि लगातार चौथी जीत के साथ ममता बनर्जी 2029 लोकसभा चुनाव से पहले खुद को बीजेपी के खिलाफ सबसे मजबूत विपक्षी चेहरा स्थापित कर सकती हैं.
ममता बनर्जी का अमित शाह पर बड़ा आरोप
टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीधे निर्देश पर पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान सेंट्रल फोर्स बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल के अनुमान बीजेपी के निर्देश पर प्रसारित किए गए ताकि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया जा सके.
