West Bengal Exit Poll 2026 Live: बंगाल से असम,केरल तक कौन बनाएगा सरकार, लेटेस्ट एग्जिट पोल के नतीजे पढ़ें
West Bengal Exit Poll Results 2026 Live: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए गए हैं. कहां किसकी सरकार बनेगी यहां हर लाइव अपडेट जानिए.

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West Bengal Exit Poll 2026 Live: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजे जारी हो गए हैं. पोल ऑफ पोल में बीजेपी पश्चिम बंगाल और असम में...More
वरिष्ठ भाजपा नेता अमित मालवीय ने शुक्रवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान में हुई भारी वृद्धि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ हिंदू मतदाताओं के एकीकरण की ओर इशारा करती है. दूसरे चरण के मतदान के आंकड़ों का हवाला देते हुए मालवीय ने कहा कि मतदान में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 9.43 लाख अतिरिक्त वोटों के बराबर है. पहले दो चरणों में कुल मिलाकर 30.14 लाख से अधिक वोटों की वृद्धि हुई है, जिसे उन्होंने राज्य के चुनावी संदर्भ में "महत्वपूर्ण" बताया. उन्होंने तर्क दिया कि जहां मुस्लिम मतदाता पारंपरिक रूप से तृणमूल कांग्रेस के पीछे एकजुट होते रहे हैं, वहीं मतदान में हुई वृद्धि हिंदू मतदाताओं के बीच भी इसी तरह के एकीकरण का संकेत देती है और सत्ताधारी दल के खिलाफ जनभावना में बदलाव का संकेत देती है.
मतगणना की तैयारियों की समीक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए भाजपा शनिवार को कोलकाता में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने जा रही है. नेतृत्व बूथ स्तर के प्रबंधन, मतगणना दिवस के प्रोटोकॉल और समन्वय तंत्र का आकलन करेगा ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके. मतगणना दिवस नजदीक आने पर पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने में यह बैठक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी."
चाणक्य ने भविष्यवाणी की है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला NDA असम में अपनी सत्ता बरकरार रखेगा. असम विधानसभा चुनाव परिणामों में मौजूदा गठबंधन को 100 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान है.चाणक्य के अनुमान के मुताबिक NDA को 102-111, INC+ - 23-32 और अन्य - 0-1 सीटें मिलने का अनुमान है.
न्यूज18 वोट वाइब के एग्जिट पोल ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक तस्वीर बदल दी है. पोल के अनुसार, राज्य में बीजेपी जबरदस्त प्रदर्शन करती दिख रही है. वोट वाइब एग्जिट पोल के अनुमानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी एक ऐतिहासिक बढ़त की ओर अग्रसर है. आंकड़ों का मिडपॉइंट विश्लेषण बताता है कि बीजेपी कुल 294 सीटों में से 153 सीटों के आंकड़े तक पहुंच सकती है. यानी टीएमसी कहीं 143 तक रह सकती है. पहले चरण में जहां पार्टी को 93 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं दूसरे चरण में भी वह 60 सीटों पर कब्जा जमाती दिख रही है. यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बीजेपी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पैठ मजबूत की है. यदि यह अनुमान परिणामों में बदलता है, तो यह बंगाल की सत्ता संरचना में एक बड़ा फेरबदल साबित होगा.
West Bengal Assembly Polls: Kshudiram Anushilan Kendra में गुरुवार शाम उस समय तनाव बढ़ गया, जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष और शशि पांजा ने ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम के अंदर संदिग्ध गतिविधियों का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया. यह विवाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बाद सामने आया. कुणाल घोष, जो बेलेघाटा से टीएमसी उम्मीदवार भी हैं, ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को दोपहर करीब 3:30 बजे वहां से हटा दिया गया. इसके कुछ देर बाद निर्वाचन आयोग की ओर से ईमेल भेजकर बताया गया कि प्रशासनिक कारणों से स्ट्रॉन्गरूम को शाम 4 बजे फिर खोला जाएगा.
घोष का कहना है कि जब तक यह सूचना मिली, तब तक उनके कार्यकर्ता जा चुके थे। जब वे दोबारा वहां पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों का रवैया पक्षपातपूर्ण है और भारतीय जनता पार्टी को अंदर आने दिया जा रहा है, जबकि टीएमसी को बाहर रखा गया. टीएमसी नेताओं ने निर्वाचन आयोग से तुरंत स्पष्टीकरण की मांग की है और कहा है कि जब तक पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं आती, उनका धरना जारी रहेगा.
केरल के एग्जिट पोल्स पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा है कि एग्जिट पोल्स आए हैं, उन्होंने एक सुर में कहा है कि कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार बनने जा रही है.
आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से BJP उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मुझे चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल पर बहुत गर्व है कि उन्होंने 92%-94% मतदान के साथ ऐसा चुनाव करवाया. इतनी सारी धमकियों और डर के माहौल के बावजूद, बंगाल के लोग बाहर निकले. हमें सच में यकीन नहीं था कि (अनुच्छेद) 356 लागू किए बिना ऐसा चुनाव हो सकता है, लेकिन ऐसा हुआ.
उन्होंने कहा कि मुझे एग्जिट पोल पर ज्यादा भरोसा नहीं है, लेकिन मुझे अपने जमीनी स्तर पर, लोगों की नब्ज पर भरोसा है, जिसे मैंने पिछले छह महीनों में देखा है. निश्चित रूप से, जिस तरह से बंगाल के लोग सुनामी की तरह बाहर निकले, वे एक मकसद के साथ वोट कर रहे हैं, वे बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं, मुझे उन पर भरोसा है.
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के कैनिंग पश्चिम विधानसभा से बीजेपी उम्मीदवार प्रशांत ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दूसरे चरण में बीजेपी अच्छी स्थिति में है. भाजपा राज्य में सरकार बनाएगी.
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों से पहले बीजेपी बड़ी बैठक करने जा रही है. पश्चिम बंगाल चुनाव में काउंटिंग को लेकर बीजेपी एक्टिव मोड में है. मतगणना की तैयारी को लेकर कोलकाता में बड़ी बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा चुनाव के दौरान लगाए गए सभी प्रवासी नेताओं, सांसद, विधायक को बैठक के लिए बुलाया गया है.
पश्चिम बंगाल में इस बार के चुनाव प्रचार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों से लाखों नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन हुए. इस पुनरीक्षण का उद्देश्य अयोग्य मतदाताओं को हटाना था, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह हाशिए पर पड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण है. राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव में टीएमसी की हार नामुमकिन है.उन्होंने बुधवार को X पर एक पोस्ट में कहा, “भाजपा की जीत का एकमात्र तरीका धांधली करना है, यानी मतदाता सूची में हेरफेर से लेकर मतगणना में धोखाधड़ी तक, किसी न किसी रूप में चुनावी गड़बड़ी करना.”
भवानीपुर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक खींचतान का केंद्र बन चुका है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है.दक्षिण कोलकाता में कभी बनर्जी का गढ़ माने जाने वाला यह निर्वाचन क्षेत्र अब दोनों दलों के लिए एक प्रतीकात्मक युद्धक्षेत्र बन गया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए भवानीपुर सीट पर कब्जा बनाए रखना मुख्यमंत्री की अपने गृह क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. भाजपा के लिए यहां जीत हासिल करना राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक के खिलाफ एक बड़ी राजनीतिक बढ़त साबित होगी.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के अनुमानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने गुरुवार को विश्वास जताया कि पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिलेगा और वह राज्य में अगली सरकार बनाएगी. एएनआई से बात करते हुए यादव ने कहा कि भाजपा बंगाल में जीत के लिए तैयार है और साथ ही असम में भी सत्ता में वापसी की भविष्यवाणी की. उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में मौजूदा सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आएगी और परिणाम जनता के जनादेश को दर्शाएगा.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं. इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राम कृपाल यादव ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी दो-तिहाई बहुमत से जीतेगी और बंगाल में नवजीवन का प्रकाश आएगा.एएनआई से बात करते हुए यादव ने कहा, "असम में हमारी सरकार फिर से बनेगी और बंगाल में बदलाव निश्चित है. बस कुछ ही दिनों की बात है. जनता के जनादेश का सम्मान किया जाएगा. उनकी (ममता बनर्जी की) सरकार नहीं बनेगी; भाजपा दो-तिहाई बहुमत से जीतेगी और बंगाल में नवजीवन का प्रकाश आएगा."
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,"किसी के मन में कोई संदेह नहीं है. बंगाल और असम में भाजपा सरकार बनना निश्चित है. वहां की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा दिखाया है. असम की जनता हमें सेवा करने का अवसर देगी. बंगाल में राष्ट्रवादियों की सरकार बननी तय है. भाजपा वहां एक बहुत बड़े बहुमत के साथ आगे जा रही है. बंगाल में विजय निश्चित है. पुडुचेरी में सरकार बननी तय है. तमिलनाडु में अच्छा प्रदर्शन होगा. केरल में भाजपा एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रही है."
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के राज्य सचिव वी. शिवदासन दासु ने भाजपा की जीत की भविष्यवाणी करने वाले कुछ एग्जिट पोल को खारिज करते हुए कहा कि वे राज्य में पार्टी के वास्तविक प्रदर्शन को सही ढंग से नहीं दिखा पाए हैं. एएनआई से बात करते हुए दासु ने कहा, “पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल की गणना कभी हकीकत से मेल नहीं खाती और पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बारे में अब तक दिखाए गए एग्जिट पोल की बात करें तो 2021 में एबीपी न्यूज ने टीएमसी के लिए 152 सीटें, चाणक्य ने 169 सीटें, टीवी9 ने 142 सीटें और इंडिया टुडे ने 130 सीटें दिखाईं. कई अन्य चैनलों ने भी 2021 में टीएमसी को बहुमत मिलने की भविष्यवाणी नहीं की थी.”
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के राज्य सचिव वी. शिवदासन दासु ने भाजपा की जीत की भविष्यवाणी करने वाले कुछ एग्जिट पोल को खारिज करते हुए कहा कि वे राज्य में पार्टी के वास्तविक प्रदर्शन को सही ढंग से नहीं दिखा पाए हैं. एएनआई से बात करते हुए दासु ने कहा, “पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल की गणना कभी हकीकत से मेल नहीं खाती और पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बारे में अब तक दिखाए गए एग्जिट पोल की बात करें तो 2021 में एबीपी न्यूज ने टीएमसी के लिए 152 सीटें, चाणक्य ने 169 सीटें, टीवी9 ने 142 सीटें और इंडिया टुडे ने 130 सीटें दिखाईं. कई अन्य चैनलों ने भी 2021 में टीएमसी को बहुमत मिलने की भविष्यवाणी नहीं की थी.”
खड़गपुर से पश्चिम बंगाल के भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा, “क्रिकेट की पहली और दूसरी पारी की तरह, जीतने वाली टीम दोनों पारियों में अच्छा खेलती है. इसलिए पहले चरण में जो हुआ, दूसरा चरण उसी का सिलसिला था. कोलकाता और आसपास के इलाकों में मतदान प्रतिशत ऐतिहासिक रहा.”
पश्चिम बंगाल में टीएमसी को निर्णायक बढ़त मिलने की संभावना है और उसे 195-205 सीटें मिल सकती हैं. भाजपा को 80-90 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को 1-3 सीटें, वामपंथी दलों को 0-1 सीट और अन्य दलों को 3-5 सीटें मिल सकती हैं, जो सत्तारूढ़ दल के लिए एक मजबूत प्रदर्शन का संकेत है.
2021 में भाजपा ने बंगाल में 77 सीटें जीती थीं और अधिकांश विश्लेषकों ने सरकार बनाने की भविष्यवाणी की थी. हालांकि, टीएमसी ने उन्हें गलत साबित कर दिया. 2026 के लिए पांच से अधिक एग्जिट पोल ने टीएमसी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया है और बीजेपी को अधिक सीटें दी है.
अधिकांश एग्जिट पोल का अनुमान है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में जीत हासिल करके तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर देगी, जो पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है.चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में से भाजपा के लिए 150-160 सीटें, जबकि टीएमसी के लिए 30-40 सीटें और अन्य दलों के लिए 6 से 10 सीटें जीतने का अनुमान लगाया है. मैट्रिज़ ने भाजपा के लिए 146-161 सीटें, टीएमसी के लिए 125-140 सीटें और अन्य दलों के लिए 6-10 सीटें जीतने का अनुमान लगाया है.जेवीसी ने भाजपा के लिए 138-159 सीटें, टीएमसी के लिए 131-152 सीटें, कांग्रेस के लिए 0-2 सीटें और वामपंथी दलों के लिए 0-1 सीट जीतने का अनुमान लगाया है. पी-मार्क एग्जिट पोल ने भाजपा के लिए 150-175 सीटें, टीएमसी के लिए 118-138 सीटें और अन्य दलों के लिए 2-6 सीटें जीतने का अनुमान लगाया है.पीपुल पल्स ने भाजपा के लिए 95-100 सीटें, टीएमसी के लिए 177-187 सीटें, कांग्रेस के लिए 1-3 सीटें और वामपंथी दलों के लिए 0-1 सीट का अनुमान लगाया है.पोल डायरी एग्जिट पोल ने भाजपा के लिए 142-147 सीटें, टीएमसी के लिए 99-127 सीटें, कांग्रेस के लिए 3-5 सीटें, वामपंथी दलों के लिए 2-3 सीटें और अन्य के लिए 0-1 सीट का अनुमान लगाया है.
इस बार हुए चुनावों में शामिल पांच क्षेत्रों में सबसे महत्वपूर्ण पश्चिम बंगाल में, अधिकांश एग्जिट पोल 294 सीटों वाली विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को मामूली अंतर से हराकर भाजपा को मामूली बहुमत दिलाते दिख रहे हैं.
पश्चिम बंगाल में, छह में से चार सर्वेक्षणकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मामूली अंतर से जीत का अनुमान लगाया है, जबकि दो ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बड़ी जीत का अनुमान लगाया है. बंगाल में मुकाबला सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा के बीच है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि टीएमसी के खिलाफ भारी मतदान हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि सत्ता विरोधी लहर राज्य की सभी विपक्षी पार्टियों में बंट गई है अभी यह कहना मुश्किल है कि टीएमसी का इसमें क्या और कैसा योगदान होगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि टीएमसी के खिलाफ भारी मतदान हुआ है. हालांकि, ये वोट विपक्षी दलों में बंट गए हैं. कुछ भाजपा को, कुछ कांग्रेस को, कुछ सीपीआई (एम) को और कुछ हुमायूं कबीर की पार्टी को."
पीपल पल्स ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए 177-187 सीटें, भाजपा के लिए 95-100 सीटें, कांग्रेस के लिए 1-3 सीटें और वामपंथी दलों के लिए 0-1 सीट का अनुमान लगाया है.
एग्जिट पोल हमेशा सटीक नहीं होते और अक्सर इनकी आलोचना होती रहती है. 2021 में, पश्चिम बंगाल के लिए अधिकांश एग्जिट पोल के अनुमान गलत साबित हुए, जहां टीएमसी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की. 2026 की तरह ही, इस बार भी एग्जिट पोल में टीएमसी और बीजेपी के बीच करीबी मुकाबले का अनुमान लगाया गया है.
तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बढ़त दिखाने वाले एग्जिट पोल को खारिज करते हुए उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने ‘एक्स’ पर कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भी एग्जिट पोल वास्तविक नतीजों से काफी अलग थे.उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि उस समय कई एग्जिट पोल में तृणमूल को 143-162 सीटें और भाजपा को 115-147 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था, जबकि अंतिम परिणाम में तृणमूल ने 215 सीटें जीतीं और भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई. पार्टी के पूर्व राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने भी कहा कि पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल अक्सर करीबी मुकाबले का संकेत देते हैं, लेकिन राज्य में जनादेश ऐतिहासिक रूप से निर्णायक रहा है.
पश्चिम बंगाल में चुनावी शोर थमने के बाद अब सबकी नजरें 4 मई के नतीजों पर टिकी हैं. लेकिन असली ड्रामा शुरू हुआ है एग्जिट पोल के सामने आने के बाद. जैसे ही सर्वे के आंकड़ों ने भाजपा और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर या कहीं-कहीं भाजपा को बढ़त दिखाई, तृणमूल कांग्रेस के खेमे में हलचल मच गई. उत्तर 24 परगना के कमरहाटी से टीएमसी प्रत्याशी मदन मित्रा ने भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी को निशाने पर लेते हुए एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में आग लगा दी है. मित्रा ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी को इस चुनाव में दो थप्पड़ पड़ेंगे एक नंदीग्राम की ओर से और दूसरा भवानीपुर की ओर से. इस तरह के बयान के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या टीएमसी एग्जिट पोल के दावों से सच में डर गई है? भले मित्रा ने जोर देकर कहा कि ममता बनर्जी की सत्ता में वापसी तय है और टीएमसी 200 से अधिक सीटें जीतकर विरोधियों के दांत खट्टे कर देगी.
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने उन एग्जिट पोल्स को खारिज कर दिया है, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बढ़त दिखाई गई है. टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव में भी ये अनुमान पूरी तरह गलत साबित हुए थे.
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत है, लेकिन अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में तस्वीर पूरी तरह बंटी हुई नजर आ रही है. कुछ एग्जिट पोल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सत्ता में वापसी दिखा रहे हैं, तो कुछ सर्वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पहली बार बंगाल में सरकार बनाते हुए बता रहे हैं. चाणक्य स्ट्रेटजी के एग्जिट पोल में तृणमूल कांग्रेस को 130 से 140 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 150 से 160 सीटें मिलती दिख रही हैं। अन्य दलों के खाते में 6 से 10 सीटें जा सकती हैं. पीपल्स पल्स के सर्वे में टीएमसी को 117 से 187 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। भाजपा को 95 से 110 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य को 1 से 4 सीटें मिलने की संभावना है.मैट्रिज के एग्जिट पोल में टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा 146 से 161 सीटों के साथ बढ़त में दिखाई गई है। अन्य दलों को 6 से 10 सीटें मिल सकती हैं.पी-मार्क के सर्वे में तृणमूल कांग्रेस को 118 से 138 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 150 से 175 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को 2 से 6 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है.पोल डायरी के अनुमान के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में टीएमसी को 99 से 127 सीटें, भाजपा को 142 से 171 सीटें, कांग्रेस को तीन से पांच, लेफ्ट गठबंधन को दो से तीन और अन्य के खाते में एक सीटें जाने का अनुमान है. प्रजा पोल के सर्वे के अनुसार, टीएम को 85 से 110 सीटें, भाजपा को 178 से 208 सीटें और अन्य को 0 से पांच सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. बता दें कि ये सिर्फ एग्जिट पोल है, न कि आधिकारिक चुनाव परिणाम। इसलिए, मतगणना के दिन ये आंकड़े बदल भी सकते हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित होंगे. यहां दो चरणों में- पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल, को चुनाव संपन्न हुए. यहां पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था, वहीं, दूसरे चरण में 89.99 प्रतिशत वोटिंग हुई. कुल मिलाकर अधिकतर एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त मिलती नजर आ रही है, जबकि कुछ सर्वे टीएमसी को भी मजबूत स्थिति में दिखा रहे हैं. अब सभी की नजर मतगणना के दिन आने वाले वास्तविक नतीजों पर टिकी है.
पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा,''एग्जिट पोल निराधार हैं. इनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है. हम 235 से अधिक सीटें जीतेंगे और भाजपा 50 से अधिक सीटें भी नहीं जीत पाएगी."
पीपल्स पल्स के पोल में पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की वापसी दिख रही है. अनुमान है कि बंगाल में TMC 177–187 सीटें जीतेगी. वहीं BJP 95–110 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर काफी पीछे रहेगी. INC को सिर्फ़ 1-3 सीटें मिल सकती हैं.
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने एग्जिट पोल के नतीजों पर कहा,''हम जनता के सर्वेक्षणों पर विश्वास करते हैं. एग्जिट पोल पर नहीं. हम सभी 4 मई का इंतजार कर रहे हैं और हमें अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे. केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे.''
पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर P-MARQ के पोल में बीजेपी को 150 से 175 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि टीएम सी को 118-138 सीटों का अनुमान है. अन्य को 2 से 6 सीटें मिलने का अमुमान है.
Poll Diary में टीएमसी को 99-127, बीजेपी को 142-171, कांग्रेस को 3 से 5 वहीं अन्य को 5 से 9 सीटें मिलने का अनुमान है.
Praja पोल के सर्वे में बीजेपी को बंपर सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. टीएमसी को 85 से 110 सीटें, बीजेपी को 178-208 तो वहीं अन्य को इस पोल में 0 से 5 सीटों का अनुमान है.
बंगाल के लिए MATRIZE का एग्जिट पोल
TMC को 125-140 सीटें मिल सकती हैं
BJP को 146-161 सीटें मिल सकती हैं
अन्य को 06-10 सीटें मिलने का अनुमान
MATRIZE के एग्जिट पोल में BJP को बहुमत
MATRIZE के पोल में बंगाल में BJP की सरकार
Chanakya पोल में बंगाल में टीएमसी को 130-140 , बीजेपी को 150-160 और अन्य को 0-10 सीटें मिलने का अनुमान है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर पहला एग्जिट पोल का आंकड़ा आ गया है. Matrize एग्जिट पोल के नतीजे के मुताबिक बीजेपी 146-161, टीएमसी का 130-140 सीटें मिलने का अनुमान है.
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के समापन पर कमरहटी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार मदन मित्रा ने पार्टी की शानदार जीत का विश्वास जताया.उन्होंने एएनआई से कहा, "अगर हम जीतते हैं, तो इसका पूरा श्रेय ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को जाएगा, जो हर मुश्किल घड़ी में डटे रहे. टीएमसी 200 से अधिक सीटें जीतेगी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धीमी मतदान प्रक्रिया का आरोप लगाया है, हालांकि उनका दावा है कि टीएमसी कम से कम 200 सीटें जीतने जा रही है.
बीजेपी प्रवक्ता केके शर्मा ने कहा कि निश्चित तौर पर जनता का मन पता है सबको. बंपर वोटिंग के लिए जनता को बधाई. चुनाव आयोग को भी धन्यवाद कि शांतिपूर्ण चुनाव करवाया. जनता परिवर्तन के लिए वोट कर चुकी है. 4 मई को हम सरकार बना रहे हैं.
भवानीपुर से टीएमसी उम्मीदवार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थक भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के इकबालपुर इलाके में जमा हुए.
भारत में एग्जिट पोल के संचालन के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126ए लागू होती है.यह धारा चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित अवधि के दौरान एग्जिट पोल के निष्कर्षों के प्रकाशन या प्रसार पर रोक लगाती है. किसी भी उल्लंघन के लिए दो वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
इस बार टीएमसी के प्रमुख चेहरे हैं- ममता बनर्जी- भबनीपुर, पाबित्रा कर - नंदीग्राम, बिप्लब मित्रा-हरिरामपुर, चंद्रिमा भट्टाचार्य - दम दम उत्तर, फ़िरहाद हकीम - कोलकाता बंदरगाह, कुणाल घोष - बेलेघाटा, अरूप विश्वास-टॉलीगंज, प्रसून बनर्जी-चंचल और अरूप रॉय - हावड़ा मध्य.
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के लिए मतदान जारी है. शाम पांच बजे तक के मतदान के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं. शाम 5 बजे तक 90 फ़ीसदी मतदान हुआ है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता लॉकेट चटर्जी ने मौजूदा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि भारी मतदान राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव का संकेत हैं. चटर्जी ने एएनआई से कहा, "मैंने सुना है कि 85% मतदान पूरा हो चुका है. बहुत कम लोग बचे हैं. मतदान प्रक्रिया बहुत शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है. मुझे लगता है कि पहले चरण से भी ज्यादा मतदान होगा. सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए. भाजपा सरकार बना रही है."
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद ममता ठाकुर ने उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर स्थित एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला. उन्होंने कहा कि राज्य भर में दूसरे चरण का मतदान जारी रहने के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय चुनाव आयोग मिलकर 'तांडव' कर रहे हैं. मतदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि बागदा निर्वाचन क्षेत्र में पैसे बांटे गए.
भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा है कि पश्चिम बंगाल की जनता ममता सरकार से तंग आ गए हैं. बंगाल की जनता TMC के गुंडों से परेशान हो गए हैं. इस बार उन्होंने बदलाव का मन बना लिया है.
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने कहा, “चुनाव आयोग पूरी तरह विफल है. यह केंद्र और राज्य की ताकतों के साथ मिलकर एकतरफा तरीके से काम कर रहा है. मतदाताओं को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है, वरिष्ठ नागरिकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. भाजपा और टीएमसी एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिद्वंद्विता का दिखावा कर रही हैं, लेकिन वे एक-दूसरे से बिल्कुल भी नहीं लड़ रही हैं. दोनों पार्टियों ने चुनाव आयोग का फायदा उठाया है. मेरा मानना है कि 4 मई के बाद बंगाल में एक नया अध्याय शुरू होगा, कांग्रेस सरकार बनाएगी.”
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में तीन बजे तक 78% से अधिक मतदान दर्ज किया गया है.
भवानीपुर से टीएमसी उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कोलकाता में मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचीं और जीत का विश्वास दिखाया.
पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है. दूसरे चरण की वोटिंग के बीच भारतीय जनता पार्टी के अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम पर टेप लगा दिए गए हैं, जिससे बीजेपी उम्मीदवार का नाम छिप गया है. अब चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बूथ पर फिर से मतदान कराने के आदेश दे दिए हैं.
एग्जिट पोल पर बहस नई नहीं है. 2004 के चुनावों के आसपास, भारत के चुनाव आयोग ने इस बात पर चिंता जताई थी कि क्या ऐसे अनुमानों को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, यह तर्क देते हुए कि एग्जिट पोल बहु-चरणीय चुनावों में मतदान को प्रभावित कर सकते हैं और समग्र निष्पक्षता पर असर डाल सकते हैं.
भारत में, एग्जिट पोल एजेंसियां मतदान केंद्रों का एक प्रतिनिधि चुनती हैं. मतदान के दिन, फील्ड एजेंट बूथों के बाहर तैनात रहते हैं और मतदाताओं द्वारा वोट डालने के बाद उनसे संपर्क करते हैं. भागीदारी स्वैच्छिक होती है, और उत्तरदाता मौखिक रूप से या गोपनीय पर्चियों या डिजिटल उपकरणों के माध्यम से उत्तर देते हैं. यह जमीनी स्तर की बातचीत आगे के सभी विश्लेषणों के लिए कच्चा डेटासेट बनाती है.
शाम 6:30 बजे प्रतिबंध हटने के बाद देश भर के प्रमुख समाचार चैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर एग्जिट पोल के अनुमान प्रसारित किए जाएंगे. आप एबीपी लाइव पर हर पल का लेटेस्ट अपडेट पढ़ सकते हैं.
JD(U) सांसद संजय कुमार झा ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल से मिल रही प्रतिक्रिया से मतदाताओं में “बदलाव का माहौल” दिखाई दे रहा है और उन्हें पूरा भरोसा है कि 4 मई को नतीजे घोषित होने पर NDA विजयी होगी. पटना में पत्रकारों से बात करते हुए झा ने कहा कि इस बदलाव के संकेत पहले चरण के मतदान के बाद से ही उभरने लगे थे और दूसरे चरण के मतदान के दौरान भी जारी हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन रुझानों के आधार पर अंतिम परिणाम NDA के पक्ष में रहने की संभावना है.
2021 में, अधिकांश एग्जिट पोल टीएमसी और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का संकेत दे रहे थे. पोल ऑफ पोल्स के अनुसार ममता बनर्जी की पार्टी को 292 सीटों में से लगभग 156 सीटें मिलने का अनुमान था, जबकि भाजपा लगभग 121 सीटों का अनुमान था. एग्जिट पोल में प्रिडिक्ट किया गया था कि एक बेहद प्रतिस्पर्धी मुकाबला होगा. हालांकि, वास्तविक परिणाम बिल्कुल अलग थे. टीएमसी ने 215 सीटों के साथ शानदार वापसी की और अनुमानों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया. भाजपा को महत्वपूर्ण लाभ होने के बावजूद 77 सीटें ही मिल पाईं, जो उसे मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरने के लिए पर्याप्त थीं, लेकिन एग्जिट पोल के अनुमानों से काफी कम थीं.
बीजेपी उम्मीदवार असीम कुमार सरकार ने बुधवार को कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में 4 मई के बाद पुनर्मतदान होता है, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है. उन्होंने "शांतिपूर्ण मतदान" के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद देते हुए ईवीएम में खराबी और अनियमितताओं का आरोप लगाया और प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान और जहां भी आवश्यक हो, सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की. एएनआई से बात करते हुए सरकार ने कहा, "मैं चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहता हूं. मैंने बंगाल में इतना शांतिपूर्ण मतदान कभी नहीं देखा. छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि अगर कोई समस्या होती है तो पुनर्मतदान होगा. केंद्रीय बल बहुत सक्रिय हैं."
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण में दोपहर 1 बजे तक लगभग 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. BJP नेता लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि इस बार भाजपा सरकार बनाने जा रही है और बंगाल ममता बनर्जी के हाथों से फिसल रहा है.
बुधवार सुबह 11 बजे तक पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 142 सीटों के लिए मतदान जारी है, जिसमें 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, पूर्वी बर्धमान में सबसे अधिक 44.50 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि हुगली में सुबह 11 बजे तक 43.12 प्रतिशत मतदान हुआ.
एग्जिट पोल के नतीजों पर से पहले टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने दावा किया कि बंगाल में 30 लाख मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया है. टीएमसी 2021 से भी ज्यादा बहुमत हासिल करेगी. टीएमसी चौथी बार सरकार बना रही है.
चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, अंतिम चरण में मतदान समाप्त होने के 30 मिनट बाद तक एग्जिट पोल कराना सख्त वर्जित है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में वोटिंग जारी है. वोटिंग खत्म होने के बाद सभी को इंतजार है एग्जिट पोल का, जो भारतीय चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार 29 अप्रैल को शाम 6:30 बजे के बाद जारी किए जाएंगे. पूरे बंगाल में भारी मतदान ने 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले उम्मीदें बढ़ा दी हैं.
एग्जिट पोल वे सर्वेक्षण होते हैं जो मतदाताओं के मतदान केंद्रों से बाहर निकलने के तुरंत बाद किए जाते हैं, जिनमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किस पार्टी या उम्मीदवार को वोट दिया है. ओपिनियन पोल चुनाव से पहले कराया जाता है. इसमें मतदाताओं से पूछा जाता है कि वे किस पार्टी या उम्मीदवार को वोट देने का मन बना चुके हैं. यह सर्वे चुनावी माहौल, जनता का मूड और संभावित रुझान दिखाने की कोशिश करता है.
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