लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आ गए हैं और उत्तर प्रदेश में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन कर एक बार फिर से उभरी है. दिल्ली की सियासत के लिए उत्तर प्रदेश बेहद खास माना जाता है, क्योंकि प्रधानमंत्री कौन बनेगा यह तय करने में उत्तर प्रदेश का काफी अहम योगदान रहा है. उत्तर प्रदेश में 2019 के लोकसभा चुनाव के परिणाम में लोगों ने एसपी-बीएसपी गठबंधन को नकारते हुए बीजेपी के प्रति अपना विश्वास जाहिर किया. 62 सीटों के साथ उत्तर प्रदेश में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है. बीजेपी के सहयोगी दल-अपना दल को भी दो सीटें हासिल हुई है. आइए जानते हैं राज्य में किस पार्टी को मिली है कितनी सीटें और क्या रहा वोटिंग प्रतिशत?
2014 की सफलता को दोहराते हुए बीजेपी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने में कामयाब रही. बीजेपी को इस बार यहां 62 सीटें हासिल हुईं. वोट प्रतिशत की बात करें को उत्तर प्रदेश के लोगों ने राज्य में पड़े कुल वोटों का 49.6 प्रतिशत हिस्सा बीजेपी के खाते में डाला. राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी मायावती की बीएसपी रही. बीएसपी ने यहां 10 सीटें अपने नाम की. वहीं समाजवादी पार्टी को सूबे में 5 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा. हालांकि, इस लोकसभा चुनाव में बीएसपी और एसपी ने गठबंधन कर राज्य में चुनाव के लिए उतरी थी. बीएसपी के वोटिंग प्रतिशत की बात करें तो 19.3 प्रतिशत वोट उसके खाते में आए तो वहीं एसपी को उत्तर प्रदेश की जनता ने 18 प्रतिशत वोट दिए.
कांग्रेस राज्य में महज एक सीट पर ही सिमट गई. खास बात यह है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी लोकसभा सीट अमेठी भी बचाने में कामयाब नहीं हो पाए. केंद्रिय मंत्री स्मृति ईरना ने राहुल गांधी को 55 हजार से भी ज्यादा वोटों से मात दी. सोनिया गांधी अपनी सीट रायबरेली वापस से जीतने में कामयाब रहीं, यह कांग्रेस के लिए राज्य में एकलौटी सीट साबित हुई. राज्य में कांग्रेस को मिले वोट प्रतिशत की बात करें तो लोगों ने 6.3 प्रतिशत वोट पार्टी के खाते में डाले.
अन्य पार्टियों की बात करें तो अपना दल, बीजेपी, एसपी, बीएसपी, कांग्रेस के अलावा किसी को यहां एक भी सीट नहीं नसीब हुई, मगर उत्तर प्रदेश की जनता ने 4.18 प्रतिशत वोट अन्य पार्टियों को दिए. सभी को नकारते हुए सूबे के लोगों ने 0.48 प्रतिशत नोटा पर अपना वोट दर्ज किया.
