नई दिल्ली: बीजेपी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस घोषणा पत्र में बीजेपी ने देश को 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने का संकल्प लिया है. 'संकल्प पत्र' में बीजेपी ने कहा है, ''2014 में भारत फ्रैजाइल फाइव (पांच सबसे कमजोर देश) में गिना जाता था. पिछले पांच साल के अंदर भारत ने एक ख्याति हांसिल की. आज देश की अर्थव्यस्था आर्थिक रूप से स्थिर है. हम विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यस्था पहले ही बन चुके हैं. हम जल्द शीर्ष पांच में शामिल हो जाएंगे. 2030 तक हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बनना चाहते हैं.''
संकल्प पत्र में आगे कहा गया है, '' इसका साफ मतलब है कि हम 2025 तक भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर और 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है.''
घोषणा पत्र में आगे लिखा है, '' 1991 के बाद सभी सरकारों से तुलना करें तो मोदी सरकार ने पिछले पांच सालों में औसत जीडीपी वृद्धि की सबसे अधिक दर (7.3 प्रतिशत) प्राप्त कर दिखाई. इस दौरान औसत/ उपभोक्ता महंगाई दर सबसे कम (4.6 प्रतिशत) रही है. उपभोक्ता महंगाई इस समय 2.6 प्रतिशत रही है. इसके साथ ही जीडीपी के प्रतिशत के रूप में राजकोषिय घाटा कम रहा और चालू खाते का घाटा और भी कम रहा. औसत राजकोषिय घाटा 2009 से 2014 के बीच 5.4 प्रतिशत था जो 2014 से 2019 के बीच घटकर 3.7 प्रतिशत हो गया.''
कर नीति को लेकर बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में कहा, ''हम कर की दर घटाने की नीति को जारी रखेंगे. जिससे ईमानदार करदाता को फायदा होगा और रोजगार स्वीकृति बढ़ेगी. कर एवं जीडीपी का अनुपात 2013-14 के 10.1 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो गया हैजो पिछले कुछ सालों में सर्वाधिक है. इस बढ़े राजस्व का उपयोग गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है.'' घोषणा पत्र में कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण कर की दरों में कमी आई है और राज्यों में विशेष रूप से राजस्व संग्रह बढ़ा है.
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