केरल के नए मुख्यमंत्री के चयन में हो रही देरी को लेकर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) गठबंधन की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का धैर्य अब खत्म होता दिख रहा है और इसके कई नेताओं का कहना है कि वे इस मुद्दे पर जनता के सवालों का सामना करने में असमर्थ हैं.

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तिरूर विधानसभा से आईयूएमएल के विधायक कुरुक्कोली मोइदीन ने बुधवार को यहां पत्रकारों से कहा कि वह जहां भी जाते हैं.  खासकर महिलाओं समेत सभी लोग उनसे पूछते रहते हैं कि मुख्यमंत्री के चयन में देरी क्यों हो रही है.

उन्होंने कहा कि लेकिन इस देरी से भी बड़ी समस्या इस मुद्दे पर कांग्रेस के भीतर खुला मतभेद है.

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विधायक ने कहा, “यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है. यहां तक कांग्रेस कार्यकर्ता भी निराश हैं. महिलाएं भी पूछ रही हैं कि मुख्यमंत्री का चयन कब होगा. मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस के पास मजबूत नेतृत्व है, इसलिए इन सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा.”

कोंडोट्टी सीट से विधायक टी. वी. इब्राहिम ने एक दिन पहले कहा था कि मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए, इस पर कांग्रेस द्वारा निर्णय लेने में देरी ने यूडीएफ की जीत के जश्न को फीका कर दिया है और इसके कारण उसके कार्यकर्ता तथा विधायक जनता का सामना करने में असमर्थ हो गए हैं.

इब्राहिम ने यह भी कहा था कि तकनीकी रूप से यह कांग्रेस का आंतरिक मामला हो सकता है, लेकिन जनहित को देखते हुए देरी ‘‘अस्वीकार्य’’ है और जल्द से जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए.

मुख्यमंत्री पद के लिए तीन मुख्य दावेदार वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, वी. डी. सतीशन और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल हैं.