निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में चुनाव ड्यूटी पर तैनात अर्धसैनिक बलों के सात कर्मियों के खिलाफ इफ्तार कार्यक्रम में शामिल होने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.
अधिकारी ने कहा कि इनमें से दो कर्मियों को केंद्रीय बलों की हिरासत में रखा गया है, जबकि शेष पांच को राज्य से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह घटना लगभग एक सप्ताह पहले रमजान के महीने के दौरान हुई थी, जब कथित तौर पर संबंधित कर्मी मुर्शिदाबाद के निमटिटा में एक इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे.
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आयोग ने इस घटना का संज्ञान लिया. चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को सामाजिक समारोहों में शामिल होने या स्थानीय व्यक्तियों से किसी भी प्रकार का आतिथ्य सत्कार स्वीकार करने की अनुमति नहीं है.’’
खबरों के मुताबिक, इफ्तार का आयोजन एक स्थानीय पंचायत प्रधान के पति ने किया था और इस आयोजन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आयी थीं, जिससे निर्वाचन आयोग का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ.
हालांकि संबंधित कर्मियों ने आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि इफ्तार का आयोजन बीएसएफ शिविर के अंदर किया गया था और वहां स्थानीय प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था.
अधिकारी ने कहा, ‘‘मामला हमारे संज्ञान में आने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई. जांच के निष्कर्षों के आधार पर अर्धसैनिक बल के नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है.’’
आयोग ने कहा कि चुनाव संबंधी कार्यों के लिए तैनात केंद्रीय बलों को तटस्थता बनाए रखनी चाहिए और स्थानीय हितधारकों से दूरी बनाए रखनी चाहिए.
अधिकारी ने कहा, ‘‘तैनाती क्षेत्र में वे किसी भी सामाजिक या सामुदायिक कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकते. किसी भी प्रकार के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा.’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘आयोग इस बात पर कड़ी नजर रख रहा है कि बलों का सही ढंग से उपयोग किया जा रहा है या नहीं, उनके मार्ग मार्च कैसे हो रहे हैं और जमीनी स्तर पर उनका आपसी तालमेल कैसा है.’’
पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे. परिणाम चार मई को घोषित होंगे.
