फाइटर जेट को आसमान में उड़ते देखना हर किसी को अच्छा लगता है, हालांकि उसका प्रोडक्शन उतना ही मुश्किल भी होता है. अगर आपका सपना राफेल जैसे आधुनिक फाइटर जेट के प्रोडक्शन का हिस्सा बनने का है, तो एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्री में आपके लिए करियर के कई रास्ते हैं. इसके लिए केवल पायलट बनना ही एक मात्र विकल्प नहीं है. इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, क्वालिटी कंट्रोल और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भी इस इंडस्ट्री में काम किया जा सकता है.

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राफेल का निर्माण फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation करती है. भारत में भी राफेल को लेकर मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम हुआ है. ऐसे में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है.

कौन-सी पढ़ाई है जरूरी?

एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग में करियर बनाने के लिए सबसे पहले सही शैक्षणिक आधार जरूरी है. 12वीं में Physics, Chemistry और Mathematics (PCM) विषय लेना इंजीनियरिंग के रास्ते खोलता है. इसके बाद उम्मीदवार Aerospace Engineering, Aeronautical Engineering, Mechanical Engineering, Electrical Engineering, Electronics Engineering या संबंधित क्षेत्र में B.Tech/B.E. कर सकते हैं. कुछ पदों के लिए डिप्लोमा या ITI जैसी तकनीकी योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए भी अवसर होते हैं.

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कई एक्सपर्ट्स मिलकर बनाते हैं फाइटर जेट

एक फाइटर जेट का निर्माण कई अलग-अलग एक्सपर्ट्स की टीम मिलकर करती है. विमान के डिजाइन और स्ट्रक्चर से लेकर इंजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग, सॉफ्टवेयर और टेस्टिंग तक अलग-अलग क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स काम करते हैं. Mechanical और Aerospace Engineers एयरक्राफ्ट के स्ट्रक्चर और मैकेनिकल सिस्टम पर काम करते हैं. Electronics और Electrical Engineers एवियोनिक्स, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े काम संभालते हैं.

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इन स्किल्स पर भी दें ध्यान

डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में केवल डिग्री काफी नहीं होती. उम्मीदवारों को CAD, डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, कंप्यूटर सिमुलेशन, प्रोग्रामिंग और डेटा एनालिसिस जैसी तकनीकी स्किल्स को भी विकसित करना होता है. साथ ही प्रिसिशन इंजिनियरिंग, क्वालिटी कंट्रोल और सेफ्टी स्टेंडर्ड की समझ भी महत्वपूर्ण है. वहीं अंग्रेजी भाषा और टेक्निकल डॉक्यूमेंटेशन की अच्छी समझ भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करते समय मददगार होती है.

भारत में भी है अवसर

राफेल के प्रोडक्शन या एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े करियर के लिए युवाओं के लिए भारत में HAL, DRDO, Tata Advanced Systems, L&T Defence जैसी संस्थाओं और कंपनियों में एयरोस्पेस और डिफेंस से जुड़ी नौकरियां मिल सकती है. वहीं Dassault Aviation जैसी ग्लोबल कंपनी में अवसर पाने के लिए उसकी आधिकारिक करियर वेबसाइट देखना बेहतर होता है.

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