Success Story Of IAS Topper Ravi Anand: यूपीएससी सीएसई परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय जब कोई लेता है तो शुरुआत में उसके मन में कई तरह के प्रश्न होते हैं कि आखिर तैयारी कहां से करें, कैसे करें, सिलेबस क्या है, अच्छी किताबें कौन सी हैं, कोचिंग करें कि सेल्फ स्टडी. बहुत कम लोग ही लकी होते हैं जिन्हें शुरू में ही सही मार्गदर्शन मिल जाता है और तैयारी के लिए तैयारी करने में उनका बहुत समय नहीं जाता. साल 2017 के टॉपर रवि आनंद जिनकी तीसरे प्रयास में 79वीं रैंक आई थी आज ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब दे रहें हैं जो अक्सर बिगिनर्स के मन में आते हैं.


तैयारी का उचित समय –


इस बारे में एक साक्षात्कार में बात करते हुए रवि कहते हैं कि उनके अनुसार जब कैंडिडेट अपने ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर में हो वह तब से परीक्षा की बेसिक तैयारी शुरू कर सकता है. इसके अंतर्गत न्यूज पेपर रोजाना पढ़ना, एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ना जैसे कई छोटे लेकिन महत्वपूर्ण काम किये जा सकते हैं. इसके साथ ही यूपीएससी की हर विषय की कुछ फेमस किताबें हैं, जिन्हें भी कैंडिडेट चाहे तो देख सकता है. दिल्ली की कोचिंग से स्टडी मैटीरियल अरेंज करके उस पर भी नजर डाल सकते हैं.


सही जानकारी की सही जगह –


यूपीएससी परीक्षा को लेकर यूं तो इंटरनेट पर बहुत कुछ है पर बेहतर होगा कि कैंडिडेट किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट यानी upsc.gov.in पर जाएं. यहां एग्जाम नाम की टैब के नीचे सभी परीक्षाओं की जानकारी विस्तार में दी होगी, जहां से आप सूचना प्राप्त कर सकते हैं. इसी प्रकार सही बुक लिस्ट भी आपको इंटरनेट से मिल जाएगी. इसके लिए टॉपर्स के ब्लॉग या कई कंपनियों की बकायदा आईएएस प्रिपरेशन को लेकर डेडिकेटेड साइट्स हैं, उनकी सहायता ली जा सकती है.


ऑप्शनल का चुनाव –


जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यूपीएससी सीएसई परीक्षा के लिए ऑप्शनल का सेलेक्शन बहुत जरूरी होता है इसलिए इसे सोच-समझकर चुनें. इस विषय को जहां आपको सबसे अधिक पढ़ना होगा वहीं यह आपकी रैंक बनाने में भी जरूरी भूमिका निभाता है. ऑप्शनल को लेकर किसी की न सुनें बल्कि आप जो विषय संभाल सकते हों, उसी का चुनाव करें. अगर दो से तीन विषयों में कंफ्यूजन हो तो एनसीईआरटी की उन विषयों की किताबें उठाकर पढ़ें और देखें की आपको किसमें रुचि ज्यादा आ रही है. रवि के अनुसार इस हिसाब से भी चयन कर सकते हैं. अगला तरीका है यूपीएससी की वेबसाइट से पिछले साल के पेपर उठाकर देखें और अंदाजा लगाएं कि किस ऑप्शनल से कैसे प्रश्न आते हैं, इससे भी आपको निर्णय लेने में आसानी होगी.


कोचिंग का चुनाव –


कोचिंग का चुनाव सभी का अपना पर्सनल होता है आप चाहें तो कोचिंग ले सकते हैं इससे आपको सही गाइडेंस मिलता है. पर एक बात हमेशा ध्यान में रहे कि अंततः पढ़ना आपको खुद ही है. सेल्फ स्टडी सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. बाकी आजकल ऑनलाइन लगभग हर विषय का हर तरह का मैटीरियल उपलब्ध है आप उसकी मदद भी ले सकते हैं. यूपीएससी की वेबसाइट से पिछले साल के पेपर देखकर आपको बहुत सारी बातों का अंदाजा हो जाएगा इसलिए एक बार वेबसाइट जरूर विजिट करें. इंटरनेट पर टॉपर्स के वीडियो देखें जिसमें वे अपना अनुभव शेयर करते हैं साथ ही बहुत से टॉपर्स अपने नोट्स या स्ट्रेटजी का वीडियो भी डालते हैं, उन्हें भी चेक कर सकते हैं.


अपने आंख और कान खुले रखें –


यूपीएससी परीक्षा के बारे में रवि साक्षात्कार में आगे कहते हैं कि यह परीक्षा इतनी भी कठिन नहीं है. सच तो यह है कि इसे पास करने के लिए आपको अपने आसपास हो रही घटनाओं पर पैनी निगाह रखनी होगी. कहने का मतलब यह है कि अपने आंख और कान खुले रखें. आपके समाज में, देश में, दुनिया में क्या हो रहा है और जो हो रहा है वह क्यों हो रहा है जैसी घटनाओं के बारे में आपको पता होना चाहिए. यह परीक्षा ऐसी ही चीजें टेस्ट करती है.


साक्षात्कार बनाता है रैंक –


मेन्स और पर्सनैलिटी टेस्ट के अंकों से मेरिट बनती है. प्री से केवल क्वालीफाई करते हैं. साक्षात्कार इस लिहाज से भी बहुत जरूरी है कि यह आपकी रैंक बनाने में मदद करता है. ऐसे में मेन्स के बाद दूसरी जरूरी परीक्षा होती है पर्सनेलिटी टेस्ट. यहां इस बात का ख्याल रखें कि इंटरव्यू में आपके ज्ञान से ज्यादा पर्सनेलिटी की परख होती है, इसलिए इसकी तैयारी अलग से करें और इसे पूरा महत्व दें. अंत में रवि यह कहकर अपनी बात खत्म करते हैं कि प्री, मेन्स और इंटरव्यू साथ ही ऑप्शनल के लिए अलग-अलग स्ट्रेटजी बनाकर तैयारी की जा सकती है. इनके लिए अलग-अलग वीडियो नेट पर उपलब्ध हैं, उनकी मदद लें और देखें कि किस परीक्षा के लिए कैसे प्रिपेयर करना है.


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