SSC Changes Exam Process : सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाएं बेहद जरूरी होती हैं. हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी SSC की अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन कई बार परीक्षा में गलत सवाल, अस्पष्ट प्रश्न या तकनीकी समस्याओं के कारण उम्मीदवारों को नुकसान उठाना पड़ता था. इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से छात्र शिकायत कर रहे थे, कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए और मामला अदालत तक पहुंचा. इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए SSC ने अब परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है. यह नई व्यवस्था साल 2026 से लागू होगी और इससे उम्मीदवारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है. 

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SSC ने परीक्षा प्रक्रिया में क्या बड़ा बदलाव किया?

SSC ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए एक नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली लागू करने की घोषणा की है. इस सिस्टम के तहत परीक्षा के बाद उम्मीदवारों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा और गलतियों को सुधारा जा सकेगा. अब अगर परीक्षा में कोई सवाल गलत होता है, अधूरा होता है या साफ समझ नहीं आता, तो उसे हटा दिया जाएगा. सबसे बड़ी बात यह है कि उस सवाल के पूरे नंबर सभी उम्मीदवारों को दे दिए जाएंगे. इससे किसी भी छात्र को गलत प्रश्न की वजह से नुकसान नहीं होगा. 

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क्यों लिया गया यह फैसला?

यह बदलाव छात्रों की शिकायतों, आरटीआई आवेदन और अदालतों की टिप्पणियों के बाद किया गया है. हाल ही में कुछ परीक्षाओं में गलत प्रश्न और तकनीकी दिक्कतों के कारण देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था. SSC का यह कदम परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है. इन नए नियमों से अब उम्मीदवारों को गलत प्रश्नों की वजह से नंबर खोने का डर नहीं रहेगा.

आंसर की पर ऑब्जेक्शन दर्ज करने का मौका

नई व्यवस्था के अनुसार, परीक्षा खत्म होने के बाद SSC पहले प्रोविजनल (अस्थायी) आंसर की जारी करेगा. उम्मीदवार इस आंसर की को देखकर उस पर आपत्ति यानी ऑबजेक्शन दर्ज कर सकेंगे. इसके बाद विषय विशेषज्ञ  इन आपत्तियों की जांच करेंगे और फिर फाइनल आंसर की जारी की जाएगी. इससे गलत उत्तर या प्रश्न होने पर सुधार का मौका मिलेगा.  अगर किसी प्रश्न के एक से ज्यादा सही उत्तर होते हैं, तो जिन उम्मीदवारों ने सही ऑप्शन चुना होगा, उन सभी को पूरे अंक मिलेंगे, लेकिन जो उम्मीदवार गलत जवाब देंगे, उनके लिए नेगेटिव मार्किंग लागू रहेगी. 

सिलेबस से बाहर के सवालों और भाषा को लेकर नया नियम

अगर परीक्षा में कोई सवाल सिलेबस से बाहर आता है, तो ऐसे सवाल को भी हटा दिया जाएगा और सभी उम्मीदवारों को उसके पूरे नंबर दिए जाएंगे. हालांकि SSC का कहना है कि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं. SSC ने यह भी साफ कर दिया है कि उम्मीदवार ने फॉर्म भरते समय जिस भाषा को चुना है, उसे उसी भाषा में परीक्षा देनी होगी. हालांकि प्रश्न हिंदी और अंग्रेजी दोनों में दिए जाएंगे, लेकिन उत्तर उसी भाषा में देना होगा जो आपने चुनी है. 

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