क्रिकेट का जुनून भारत में किसी त्योहार से कम नहीं है. आईपीएल (IPL) शुरू होते ही हर कोई अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और टीमों को सपोर्ट करने में जुट जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ियों के अलावा हजारों लोग ऐसे भी होते हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरे टूर्नामेंट को सफल बनाते हैं? यही वह दुनिया है, जहां स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के प्रोफेशनल्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. अगर आपका सपना आईपीएल, प्रो कबड्डी लीग (PKL), इंडियन सुपर लीग (ISL) या किसी बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनने का है, लेकिन आप खिलाड़ी नहीं हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए बेहतरीन करियर विकल्प साबित हो सकता है.

Continues below advertisement

पिछले कुछ वर्षों में भारत में खेल उद्योग तेजी से बढ़ा है. नई-नई लीग शुरू होने, स्पॉन्सरशिप बढ़ने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के कारण खेल अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अरबों रुपये का कारोबार बन चुका है. ऐसे में इस पूरे सिस्टम को संभालने के लिए प्रशिक्षित स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है.

स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एक ऐसा प्रोफेशनल कोर्स है, जिसमें बिजनेस मैनेजमेंट और खेल जगत की जरूरतों को एक साथ पढ़ाया जाता है. इस कोर्स के दौरान छात्रों को यह सिखाया जाता है कि किसी खेल आयोजन की शुरुआत से लेकर उसके सफल संचालन तक हर काम कैसे किया जाता है. इसमें मार्केटिंग, ब्रांडिंग, स्पॉन्सरशिप, इवेंट प्लानिंग, टिकट बिक्री, मीडिया मैनेजमेंट, खिलाड़ियों के अनुबंध, वित्तीय प्रबंधन और स्टेडियम ऑपरेशन जैसी कई महत्वपूर्ण चीजों की जानकारी दी जाती है.

Continues below advertisement

कई ऑप्शन हैं मौजूद

इस क्षेत्र में करियर के कई विकल्प मौजूद हैं. अगर आपको बड़े आयोजनों की योजना बनाना पसंद है तो आप स्पोर्ट्स इवेंट मैनेजर बन सकते हैं. इस पद पर पूरे टूर्नामेंट की योजना, आयोजन और संचालन की जिम्मेदारी होती है. वहीं खिलाड़ियों के साथ सीधे काम करने की इच्छा रखने वाले युवा एथलीट मैनेजर या स्पोर्ट्स एजेंट बन सकते हैं. इनका काम खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट, विज्ञापन, ब्रांड एंडोर्समेंट और मीडिया इमेज को संभालना होता है.

मार्केटिंग में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए स्पोर्ट्स मार्केटिंग मैनेजर की भूमिका भी काफी आकर्षक है. इसमें कंपनियों के साथ स्पॉन्सरशिप डील करना, विज्ञापन अभियान चलाना और फैंस के बीच टीम या लीग की लोकप्रियता बढ़ाने का काम किया जाता है. वहीं डेटा और तकनीक में रुचि रखने वाले युवा स्पोर्ट्स डेटा एनालिस्ट बन सकते हैं. यह प्रोफेशनल खिलाड़ियों के प्रदर्शन, विरोधी टीम की रणनीति और मैच से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर टीम को बेहतर निर्णय लेने में मदद करते हैं. यह भी पढ़ें - CCI Recruitment 2026: कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में 148 पदों पर भर्ती, 9 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

12वीं के बाद भी बना सकते हैं करियर

अगर आप 12वीं के बाद इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो बीबीए इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एक अच्छा विकल्प है. वहीं ग्रेजुएशन के बाद एमबीए या पीजीडीएम इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट करके इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है. देश के कई प्रतिष्ठित संस्थान जैसे इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स एंड मैनेजमेंट (IISM), मुंबई, जियो इंस्टीट्यूट और आईआईएम रोहतक इस क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल कोर्स उपलब्ध कराते हैं.

कितनी मिलेगी सैलरी?

सैलरी की बात करें तो शुरुआती स्तर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को सालाना 3 से 6 लाख रुपये तक का पैकेज मिल सकता है. हालांकि, जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है और आईपीएल या अन्य प्रमुख लीगों के साथ काम करने का मौका मिलता है, यह पैकेज 15 से 25 लाख रुपये सालाना या इससे भी अधिक हो सकता है. यह भी पढ़ें - NEET UG की OMR शीट जारी, अब अपने जवाबों का करें मिलान; गलती मिलने पर ऐसे दर्ज करें आपत्ति


Education Loan Information:

Calculate Education Loan EMI