महाराष्ट्र के परभणी में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लेकर बड़ा बयान दिया था. परभणी में 28 जून उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को बाबर की औलाद कहा था. उन्होंने कहा कि बीजेपी यानी अब बाबर जनता पार्टी. जैसे बाबर ने मंदिर को तोड़ा था, वैसे ही यह मंदिर लूटते हैं. अब इनको बाबर खटकता है .

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इस बीच अब उद्धव ठाकरे की यह टिप्पणी फिर चर्चा में आ गई है. दरअसल ठाणे शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. इसके जवाब में शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने सोमवार (13 जुलाई) को ठाणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिवसेना यूबीटी पर पलटवार किया है. उन्होंने 'UBT यानी उलेमा बचाव टोली' करार दे दिया है.

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उद्धव ठाकरे के बयान पर हुआ था जमकर विवाद

उद्धव ठाकरे के इस बयान के विवाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था. जिस पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. बीजेपी विधायक राम कदम, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश, सांसद संजय जायसवाल और शिवसेना की विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए इसे अनुचित और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया.

मुंबई में बीजेपी विधायक राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सबसे पहले स्वयं यह समझना चाहिए कि वे किन राजनीतिक दलों के साथ रहे हैं. उद्धव ठाकरे उन लोगों के साथ सत्ता में बैठे, जिन्होंने राम मंदिर पर सवाल उठाए और मंदिर निर्माण में कानूनी अड़चनें पैदा करने की कोशिश की थी. जो लोग भगवान राम के अस्तित्व को काल्पनिक बताते रहे, उद्धव ठाकरे उन्हीं के साथ राजनीतिक गठबंधन कर चुके हैं.

उन्होंने आगे कहा कि उनके शासनकाल में मंदिरों को बंद रखा गया, जबकि अन्य गतिविधियों को अनुमति दी गई. ऐसे में उद्धव ठाकरे को बीजेपी को हिंदुत्व का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है. जब राजनीतिक रूप से उनका सब कुछ समाप्त हो गया, तब उन्हें हिंदुत्व की याद आई है. 

ठाकरे के बयान पर क्या बोले बीजेपी सांसद

बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने उद्धव ठाकरे के बयान को गंभीरता से लेने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे आज की राजनीति में पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुके हैं और उनके साथ जुड़े अधिकांश नेता एवं जनप्रतिनिधि उनका साथ छोड़ चुके हैं.

राजनीतिक हताशा के कारण उद्धव ठाकरे इस प्रकार के बयान दे रहे हैं. उनके बयानों को न तो जनता गंभीरता से ले रही है और न ही मीडिया को अधिक महत्व देना चाहिए. शिवसेना की विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने भी उद्धव ठाकरे की टिप्पणी पर असहमति जताई.

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