Cause Of Fire In Buildings: अक्सर हम खबरों में सुनते हैं कि किसी शहर के बाजार या तंग गली में भीषण आग लग गई है. मगर आपने कभी सोचा है कि चौड़ी सड़कों के मुकाबले इन संकरे गलियों में ही अग्निकांड सबसे ज्यादा क्यों होते हैं? यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बड़ी और खतरनाक वजहें हैं. आइए समझते हैं कि क्या है इन घटनाओं के पीछे की वजह.
नियमों का उल्लंघन करना सबसे बड़ी गलती
शहरों में दुकानों और मकानों में आग लगने की सबसे बड़ी वजह यह है कि लोग बिल्डिंग बनाने के सरकारी नियमों का पालन नहीं करते हैं. इसका एक बड़ा उदाहरण बुधवार को देखने को मिला. मालवीय नगर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में जिस होटल में भीषण आग लगी, वह असल में रहने के लिए बनाया गया एक साधारण मकान था. लेकिन नियमों को तोड़कर उस मकान को बहुत बड़ा कर दिया गया और उसे होटल में बदल दिया गया. बिना प्लानिंग के किए गए ऐसे अवैध निर्माण ही आज शहरों में बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं.
मकड़ी के जाले जैसे लटकते तार
तंग गलियों वाले इलाकों में बड़ी समस्या बिजली के तारों की होती है. इन गलियों में सिर के ऊपर बिजली के तारों का ऐसा जाल बिछा होता है कि आसमान भी नजर नहीं आता. कई बार इन तारों में ओवरलोडिंग की वजह से शॉर्ट सर्किट हो जाता है. चिंगारी निकलते ही नीचे मौजूद दुकानों या घरों में आग लग जाती है.
एक के बगल एक बनी इमारतें
इन संकरे रास्तों पर घर और दुकानें एक-दूसरे से बिल्कुल जुड़ी होती हैं. हवा आने-जाने का कोई रास्ता नहीं होता. ऐसे में अगर किसी एक दुकान में छोटी सी आग भी लगती है, तो वह गर्मी और घुटन के कारण तुरंत पूरी गली में फैल जाती है. बंद जगहों पर आग को फैलने के लिए ऑक्सीजन तो मिलती है, लेकिन धुआं बाहर नहीं निकल पाता.
फायर ब्रिगेड की एंट्री ब्लॉक
सबसे डरावनी बात यह है कि आग लगने के बाद वहां मदद समय पर नहीं पहुंच पाती. दमकल की बड़ी गाड़ियां इन संकरी गलियों में अंदर घुस ही नहीं पातीं. जब तक फायर फाइटर पाइप जोड़कर दूर से पानी डालने की व्यवस्था करते हैं, तब तक आग फैल चुकी होती है.
बचाव का रास्ता क्या है?
ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करना बेहद जरूरी है. साथ ही, हर गली में छोटे अग्निशामक यंत्र और पानी की पाइपलाइन होनी चाहिए ताकि दमकल के आने से पहले लोग खुद अपनी सुरक्षा कर सकें. सजगता और नियमों का सख्ती से पालन ही इस खतरे से बचने का इकलौता उपाय है.
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