पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2027 को लेकर के शेड्यूल जारी कर दिया है. बोर्ड की ओर से फिलहाल नियमित विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म भरने और फीस जमा करने की समय सीमा जारी की गई है. 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित की जाएगी और दूसरे संबंधित संस्थान अपनी लॉगिन आईडी के जरिए परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी और निर्देश देख सकते हैं. बोर्ड ने निर्देश दिया है कि वह निर्धारित समय के अंदर विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म और फीस से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें, क्योंकि देरी होने पर लेट फीस भी जमा करनी पड़ेगी. 

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पीएसईबी की ओर से परीक्षा फाॅर्म जमा करने के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है. बिना लेट फीस के ऑनलाइन फॉर्म और फीस जमा करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है. वहीं इसके बाद भी आवेदन किया जा सकता है, लेकिन विद्यार्थियों को एक्स्ट्रा फीस देनी होगी. 500 लेट फीस के साथ 31 अक्टूबर तक, 1000 लेट फीस के साथ 10 नवंबर तक और 1500 रुपये लेट फीस के साथ 18 नवंबर तक फाॅर्म जमा किए जा सकते हैं. वही सबसे आखिरी चरण में 2000 रुपये लेट फीस के साथ 26 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन फाॅर्म और फीस जमा करने की सुविधा रहेगी. चालान और बैंक में फीस जमा करने के लिए भी बोर्ड ने अलग-अलग अंतिम तारीख तय की है, स्कूलों को इन्हीं निर्धारित तारीखों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. 

10वीं और 12वीं की परीक्षा फीस कितनी? 

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पीएसईबी ने 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस 2000 रुपये और कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की फीस 2,450 रुपये निर्धारित की है .अगर कोई विद्यार्थी एक्स्ट्रा विषय लेता है, तो उसे प्रति विषय 550 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. बोर्ड के अनुसार निर्धारित परीक्षा फीस में हार्ड कॉपी और डिजिटाइज्ड सॉफ्ट कॉपी से जुड़ी फीस भी शामिल है. 

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स्कूलों की होगी पूरी जिम्मेदारी 

बोर्ड ने परीक्षा फॉर्म और फीस की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को दी है. स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एलिजिबल विद्यार्थियों के फाॅर्म सही तरीके से भरें जाए और निर्धारित समय पर फीस जमा हो. किसी तरह की देरी या प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होंगे. बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संबंध या मान्यता प्राप्त संस्थान के खिलाफ लागू नियमों और एफिलिएशन रेगुलेशन के तहत कार्रवाई की जा सकती है. 

सरकारी स्कूलों में भी होगी कार्रवाई 

सरकारी स्कूलों के लिए बोर्ड ने अलग से प्रक्रिया बताई है. अगर कोई सरकारी स्कूल तय समय सीमा में परीक्षा से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करता है, तो मामले की जानकारी संबंधित प्राथमिक या माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक को भेजी जाएगी. इसके बाद लागू नियमों के अनुसार संबंधित प्रिंसिपल या हेड टीचर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

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