NEET UG 2026: नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर दिव्यांग उम्मीदवारों से जुड़ी गाइडलाइन में बदलाव किया गया है. नेशनल मेडिकल कमीशन ने Persons with Benchmark Disabilities (PwBD) उम्मीदवारों की मेडिकल जांच और दिव्यांगता प्रमाणन से जुड़े नियमों में संशोधन किया है. यह बदलाव 27 जुलाई को जारी किए गए पहले दिशा-निर्देशों में किया गया है और इसका मकसद काउंसलिंग के दौरान दिव्यांगता आकलन की प्रक्रिया को एक समान तरीके से लागू करना है. 

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अस्थायी PwBD प्रमाण पत्र वाले उम्मीदवारों को राहत 

27 जुलाई को जारी दिशा-निर्देशों में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए PwBD कैटेगरी के उम्मीदवारों के पास स्थायी यानी यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटी कार्ड होने की बात कही गई. हालांकि संशोधित गाइडलाइन में इस प्रावधान में बदलाव किया गया है. अब केवल इस आधार पर किसी उम्मीदवार को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा कि उसके पास अस्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र या अस्थायी यूडीआईडी है. ऐसे उम्मीदवारों की पात्रता और दिव्यांगता की स्थिति का अंतिम फैसला मेडिकल असेसमेंट बोर्ड निर्धारित मानकों के आधार पर करेगा. एनएमसी के अनुसार जिन उम्मीदवारों की दिव्यांगता प्रगतिशील, गैर-प्रगतिशील या ऐसी स्थिति वाली है, जिसमें सुधार की संभावना नहीं है उनका मेडिकल बोर्ड की ओर से दोबारा आकलन किया जा सकता है. इसके बाद बोर्ड निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उम्मीदवार की दिव्यांगता और PwBD कोटे के तहत पात्रता का फैसला करेगा. 

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काउंसलिंग प्रक्रिया में हुआ संशोधन 

यह संशोधित गाइडलाइन ऐसे समय में आई है, जब नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने PwBD उम्मीदवारों के लिए नई व्यवस्था को लागू करने के लिए संबंधित प्रक्रिया में बदलाव किया है. राउंड-1 की चॉइस फीलिंग को लेकर भी बदलाव सामने आया है. MCC के अनुसार चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया अब 8 अगस्त 2026 से शुरू होगी. उम्मीदवारों को काउंसलिंग से जुड़े नए शेड्यूल और दूसरी जरूरी अपडेट के लिए MCC के ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. 

NRI और OCI उम्मीदवारों के लिए भी MCC की एडवाइजरी 

नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के बीच एमसीसी ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया और एनआरआई उम्मीदवारों के लिए भी अलग से एडवाइजरी जारी की है. एनआरआई कोटे के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को पहले MCC की NRI डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन टीम के जरिए अपने डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन कराना होगा. डॉक्यूमेंट की जांच पूरी होने और एलिजिबिलिटी की पुष्टि होने के बाद ही उम्मीदवारों को चॉइस फिलिंग के दौरान एनआरआई कोटे के साथ-साथ अनरिजर्व्ड सीटें दिखाई देगी. एमसीसी ने ओसीआई और एनआरआई उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन के दौरान वेदर यू वांट टू अप्लाई फॉर एनआरआई कोटा सीट्स वाले ऑप्शन में यश चुनने और चॉइस फिलिंग शुरू होने से पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है.

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