नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) और ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) अब साल में दो बार लिए जाएंगे. साथ ही दोनों में से जिस एग्जाम में स्टूडेंट्स का स्कोर बेस्ट होगा उसके आधार पर एडमिशन दिया जाएगा. इन एग्जाम के साल में दो बार लिए जाने का एलान केंद्रीय एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने किया है. इस एलान के बाद NEET का एग्जाम फरवरी और मई में लिया जाएगा, जबकि JEE एग्जाम जनवरी और अप्रैल में होगा.

इसके साथ ही अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) NEET और JEE के एग्जाम लेगी. इससे पहले CBSE इन दोनों एग्जाम को लेता था. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि स्टूडेंट्स को साल में दोनों बार एग्जाम देने का मौका दिया जाएगा, पर एडमिशन दोनों में से बेस्ट स्कोर लाने वाले एग्जाम के आधार पर दिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इन एग्जाम्स के सिलेब्स, क्वेश्चन टाइप और भाषा के विकल्प में कोई बदलाव नहीं किया गया है. एग्जाम की फीस में भी किसी तरह की बढ़ोतरी न होने की बात केंद्रीय मंत्री ने कही है. हालांकि अब इन एग्जाम को पूरी तरह से कम्प्यूटर बेस्ड कर दिया गया है.

मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एग्जाम के लिए एक बड़ा सुधार है. सारे बदलाव के बारे में जल्द ही पूरी जानकारी वेबसाइट के जरिए जारी करने की बात कही गई है. बता दें कि NEET में करीब 13 लाख स्टूडेंट्स बैठते हैं, जबकि JEE Mains का एग्जाम 12 लाख स्टूडेंट्स देते हैं.


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