NCERT New Texbooks 2026: नेशनल काउंसलिंग ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई किताबें तैयार करने के लिए 20 सदस्यीय टीम का पुनर्गठन किया है. नई टीम को एनईपी 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन के अनुरूप सिलेबस अंतिम रूप देने और नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई.

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इस नई टीम की अगुवाई निट्टे डीम्ड यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट (बेंगलुरु) और अकादमिक एवं राजनीतिक विश्लेषक प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे. डॉ. वंथांगपुई खोबुंग और डॉ. सुभाष सिंह को सदस्य समन्वयक बनाया गया है. यह दोनों टीम के साथ औपचारिक संवाद और NCERT से जुड़ी बैठकों व प्रकाशक संबंधी नियमों की जानकारी देने का काम करेंगे. 

4 सदस्यों के RSS और ABVP से जुड़े होने का दावा 

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नई 20 सदस्य टीम में कम से कम चार ऐसे सदस्य हैं, जिनके RSS, उसके छात्र संगठन अखिल ABVP या उससे जुड़े संगठनों से संबंध बताए गए हैं. इनमें शिक्षा मंत्रालय के नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल कमेटी से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे शामिल है. ABVP के रिकॉर्ड के अनुसार, वह महाराष्ट्र में संगठन के संयुक्त राज्य संगठन सचिव और मुंबई-कोंकण क्षेत्र में संगठन सचिव रह चुके हैं. टीम में पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी के टीचर एजुकेशन सेंटर एंड रिसर्च प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. प्रशांत दिवेकर भी शामिल है. ज्ञान प्रबोधिनी की स्थापना 1962 में RSS प्रचारक विनायक विश्वनाथ ने की थी. जेएनयू की प्रोफेसर वंदना मिश्रा भी टीम का हिस्सा है. वह ABVP की पूर्व राष्ट्रीय सचिव रह चुकी है. वहीं जेएनयू के एसोसिएट प्रो. डॉ रवि रमेश चंद्र शुक्ला का संबंध आरएसएस से रह चुका है. 

कक्षा 11वीं की किताबें पहले होगी तैयार 

NCERT ने नई किताबों के लिए समय सीमा भी तय करती है. कक्षा 11वीं की पॉलिटिकल साइंस की किताब को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है. इसके बाद कक्षा 12वीं की किताबें 30 जुलाई 2027 तक तैयार की जानी है. नई किताबों को NEP 2020 और NCF-SE 2023 के तहत किए जा रहे पाठ्यक्रम बदलाव के रूप तैयार किया जाएगा. टीम में यूनिवर्सिटी, लॉ इंस्टीट्यूट, ओपन लर्निंग इंस्टीट्यूट और दूसरे शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े एक्सपर्ट्स और टीचर शामिल हैं. 

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किताबों में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर रहेगा जोर 

नई पॉलिटिकल साइंस की किताबों में इंडियन नॉलेज सिस्टम और सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रमुख क्रॉस कटिंग थीम के तौर पर शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही समानता और समावेशन उम्र के अनुरूप शिक्षण पद्धति, मूल्य शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा और सूचना एवं संचार तकनीकी जैसे विषयों को भी ध्यान में रखा जाएगा. टीम को NCERT के इंडियन नॉलेज सिस्टम, सोशल साइंस, भाषाओं, पर्यावरण शिक्षा और इनोवेटिव पेडागॉजी से जुड़े समूह के साथ सलाह मशविरा करना होगा. किताब के प्रत्येक चैप्टर में इन विषयों को किस तरह शामिल किया गया है, इसकी समीक्षा भी की जाएगी. 

कई चरणों में होगी किताबों की समीक्षा 

नई किताब अभी सीधे प्रकाशित नहीं की जाएगी. टीम के सभी 20 सदस्य किताबों की लेखन प्रक्रियाओं, चरित्र समीक्षा, भाषा संपादन और अलग-अलग विषयों के बीच संबंध तैयार करने में योगदान देंगे. प्रत्येक सदस्य कोड सामग्री तैयार करने से पहले संबंधित साहित्य की समीक्षा भी करनी होगी. तैयार किए गए चैप्टर पहले पूरी टीम के बीच साझा किए जाएंगे. इसके बाद टेक्स्ट बुक कोर ग्रुप समय-समय पर इन चैप्टर की समीक्षा करेगा और जरूरी सुझाव देगा. NCERT के संबंध समिति अभी किताबों की समीक्षा करेगी. अंतिम मंजूरी के बाद ही किताबों को प्रकाशित और छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं जरूरत पड़ने पर NCERT किसी खास चैप्टर के लिए बाहरी एक्सपर्ट टीचर इलस्ट्रेटर या डिजाइनरों को भी शामिल कर सकता है.

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