नालंदा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. दरअसल नालंदा मेडिकल कॉलेज में नए एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग के मामले में प्रशासन ने यह कार्रवाई की है. मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 2025 बैच के सभी 146 छात्र-छात्राओं को 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है. प्रिंसिपल प्रोफेसर उषा शर्मा के अनुसार 2025 बैच के 146 स्टूडेंट्स को जनवरी 2027 तक क्लास में आने से रोक दिया है. उन्होंने कहा कि रैगिंग के आरोपी स्टूडेंट्स को भी 24 घंटे के अंदर हॉस्टल खाली करने और कॉलेज कैंपस छोड़ने का आदेश दिया गया है.

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छत पर ले जाकर करते थे रैगिंग

दरअसल नालंदा मेडिकल कॉलेज का यह मामला सामान्य रैगिंग का नहीं है. इस मामले में छात्रों पर आरोप लगे हैं कि वह जूनियर छात्रों को रात आधी रात में छत पर ले जाकर उनकी रैगिंग करते थे. इसके अलावा बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कॉलेज के नाम से एक रूल बुक भी सामने आई है, जिसमें जूनियर छात्रों के लिए कई निर्देश दिए गए. इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और बिहार सरकार के लोक शिकायत विभाग ने कॉलेज से जवाब मांगा था. इसके बाद छात्रों के खिलाफ एंटी रैगिंग कमेटी बनाई गई, जिसमें 2023 से 2026 बैच के छात्र-छात्राओं से करीब 3 घंटे तक पूछताछ की गई. वहीं जांच के बाद 2025 बैच के विद्यार्थियों को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि 2023 और 24 बैच को नोटिस जारी किया गया है.

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हाल ही में बढ़ी थी MBBS की सीटें

नालंदा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का यह मामला सामने आने के कुछ समय पहले ही हाल ही में कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों में बढ़ोतरी की गई थी. दरअसल एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ाकर 200 की गई थी. वहीं बढ़ी हुई सीटों पर 2026 में एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्राओं के साथ 2025 बैच के विद्यार्थियों ने रैगिंग की थी.

सीनियर छात्र भी आएं जांच के दायरे में  

इस मामले पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और बिहार सरकार के लोक शिकायत आयोग के जवाब मांगने के बाद जब कॉलेज की ओर से जांच बढ़ाई गई तो 2025 बैच के साथ 2023 और 24 बैच के विद्यार्थियों को भी इस मामले में नोटिस जारी किया गया है. सीनियर छात्रों को अगले आदेश तक कक्षाओं से निलंबित करते हुए, तत्काल प्रभाव से हॉस्टल खाली करने के का निर्देश दिया गया है.

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हॉस्टल वार्डन को दिए निर्देश

नालंदा मेडिकल कॉलेज से यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने हॉस्टल की निगरानी करने के लिए हॉस्टल वार्डन को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है. कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए हॉस्टल्स में निगरानी सबसे जरूरी है. इसके अलावा कॉलेज प्रशासन ने नए छात्र-छात्राओं से रैगिंग नहीं करने का घोषणा पत्र भी लिया है.

साइबर सेल करेगा जांच

इस मामले में कॉलेज में कथित रैगिंग और रूल बुक के सर्कुलेशन से जुड़े सबूत जांच के लिए साइबर सेल को भेज दिए हैं. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि डॉक्यूमेंट किसने बनाया, इसे किसने फैलाया और क्या इसमें और लोग भी शामिल है. कॉलेज ने बिहार सरकार को भी पत्र लिखा है और नतीजे के आधार पर सही कार्रवाई करने की रिक्वेस्ट भी की है.

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