देश की वर्दी पहनना और कंधे पर सितारे लगाना हर साल हजारों युवाओं का सपना होता है. खासकर इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बनना युवाओं के लिए गर्व की बात मानी जाती है. लेकिन यह सपना केवल जोश से पूरा नहीं होता, इसके लिए सही पढ़ाई, सही तैयारी और मजबूत इरादा जरूरी होता है. अगर आप भी लेफ्टिनेंट बनना चाहते हैं, तो पहले यह जान लें कि इसके लिए कौन सी पढ़ाई करनी होगी और कौन-कौन से रास्ते आपके लिए खुले हैं.

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एनडीए के जरिए बन सकते हैं अफसर

12वीं के बाद नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी एनडीए परीक्षा के जरिए आप सीधे अफसर बनने की राह पर बढ़ सकते हैं. इसके लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स होना जरूरी है. एनडीए की परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग कराता है. इसमें लिखित परीक्षा होती है, जिसमें गणित और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. इसके बाद एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल जांच होती है. अगर आप इस परीक्षा को पास कर लेते हैं, तो आपको तीन साल की ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आप लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हो सकते हैं.

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टेक्निकल एंट्री स्कीम भी है रास्ता

अगर आपने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में अच्छे अंक हासिल किए हैं, तो टेक्निकल एंट्री स्कीम यानी टीईएस के जरिए भी सेना में जा सकते हैं. इसमें चयन जेईई मेन के अंकों के आधार पर होता है. इसके बाद एसएसबी इंटरव्यू लिया जाता है. इस रास्ते से जाने वाले उम्मीदवारों को टेक्निकल शाखा में मौका मिलता है.

सीडीएस परीक्षा से बन सकते हैं अफसर

ग्रेजुएशन के बाद सबसे बड़ा रास्ता है सीडीएस परीक्षा. यह परीक्षा भी संघ लोक सेवा आयोग कराता है. किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है. परीक्षा पास करने के बाद एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल जांच होती है. चयन होने पर ट्रेनिंग दी जाती है और उसके बाद लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति होती है.

एनसीसी स्पेशल एंट्री

अगर आपने कॉलेज के दौरान एनसीसी किया है और आपके पास ‘सी’ सर्टिफिकेट है, तो आपके लिए खास मौका होता है. कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन जरूरी है. इस एंट्री में लिखित परीक्षा नहीं होती, सीधे एसएसबी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है.

इंजीनियर और लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खास अवसर

इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों के लिए सेना में टेक्निकल शाखा में जाने का रास्ता खुला रहता है. ऐसे उम्मीदवार टेक्निकल एंट्री के जरिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र भी पीछे नहीं हैं. अगर आपने एलएलबी की डिग्री कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ पूरी की है, तो आप जज एडवोकेट जनरल यानी जेएजी एंट्री के जरिए सेना में लीगल अफसर बन सकते हैं.

उम्र और फिटनेस का रखें ध्यान

सेना में अफसर बनने के लिए उम्र सीमा का पालन जरूरी है. एनडीए और टीईएस के लिए आम तौर पर उम्र 16.5 से 19.5 साल के बीच होनी चाहिए. वहीं सीडीएस के लिए उम्र करीब 19 से 25 साल तक होती है. इसके साथ ही शारीरिक फिटनेस बहुत जरूरी है. दौड़, लंबाई, वजन और आंखों की रोशनी जैसी कई जांच होती हैं. एसएसबी इंटरव्यू में आपकी सोच, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम में काम करने की आदत को परखा जाता है.

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