जब भी स्कूल की किताबों में बदलाव होता है या नया सिलेबस लागू होता है, तो लोगों का ध्यान NCERT की तरफ जाता है.इस संस्था के प्रमुख हैं प्रोफेसर डीपी सकलानी. हाल के समय में उनका नाम चर्चा में रहा है.ऐसे में बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि वे कौन हैं, उन्होंने क्या पढ़ाई की है और शिक्षा के क्षेत्र में उनका सफर कैसा रहा है.

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NCERT देश की एक अहम शैक्षणिक संस्था है. यह स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने, किताबें प्रकाशित करने और शिक्षा से जुड़ी नीतियों को लागू करने में मदद करती है. देश के कई राज्यों में बच्चे NCERT की किताबों से पढ़ाई करते हैं, इसलिए इस संस्था की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है.

NCERT के वर्तमान डायरेक्टर का पूरा नाम डीपी सकलानी है. उनका जन्म 1 जनवरी 1963 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुआ था.पहाड़ी इलाके से आने वाले सकलानी ने अपनी मेहनत और पढ़ाई के दम पर शिक्षा जगत में खास पहचान बनाई.उन्हें शुरू से ही इतिहास विषय में गहरी रुचि थी.यही रुचि आगे चलकर उनके करियर की नींव बनी.

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कैसी रही उनकी पढ़ाई?

डीपी सकलानी ने इतिहास विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त की.उन्होंने साल 1996 में पीएचडी की डिग्री हासिल की. उनकी पढ़ाई हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से पूरी हुई.उनका शोध कार्य इतिहास के खास क्षेत्रों से जुड़ा रहा.उन्होंने मध्य हिमालय के सामाजिक इतिहास, प्राचीन भारत और मध्यकालीन दौर के विषयों पर गहराई से अध्ययन किया.इसके अलावा उन्होंने भारत में शहरों के विकास और सांस्कृतिक परंपराओं पर भी काम किया.

शिक्षक से प्रशासनिक जिम्मेदारी तक

NCERT से जुड़ने से पहले वे विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर के तौर पर कार्य कर रहे थे. उन्होंने कई वर्षों तक विद्यार्थियों को पढ़ाया और शोध कार्य में हिस्सा लिया.वे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मार्गदर्शन देते रहे.उनका मानना रहा है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सोचने और समझने की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए.

शोध और अन्य अनुभव

वे शिमला स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडी में विजिटिंग फेलो भी रह चुके हैं.वहां उन्होंने इतिहास से जुड़े विषयों पर शोध किया.उनके कई लेख और शोध पत्र अलग-अलग शैक्षणिक मंचों पर प्रकाशित हो चुके हैं.

कब बने NCERT के डायरेक्टर?

साल 2022 में उन्हें NCERT का डायरेक्टर नियुक्त किया गया. इस पद पर रहते हुए वे स्कूल पाठ्यक्रम में बदलाव, किताबों के संशोधन और नई शिक्षा नीति से जुड़े कामों की निगरानी कर रहे हैं. NCERT की किताबें देशभर में पढ़ाई जाती हैं, इसलिए उनके फैसलों का असर लाखों छात्रों पर पड़ता है.यही वजह है कि उनका पद काफी जिम्मेदारीभरा माना जाता है.

सैलरी कितनी? 

रिपोर्ट्स के अनुसार NCERT के डायरेक्टर को हर महीने करीब 2 लाख 10 हजार रुपये का वेतन मिलता है. साथ ही कुछ अन्य भत्ते और सुविधाएं भी दी जाती हैं.

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