अगर आप IIT में पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत काम की है. देशभर के IIT संस्थानों में इस साल बड़ा बदलाव किया गया है. सीटों की संख्या बढ़ाई गई है और साथ ही कई नए कोर्स भी शुरू किए गए हैं. इसका सीधा फायदा उन लाखों छात्रों को मिलेगा जो हर साल जेईई एडवांस परीक्षा देकर IIT में एडमिशन पाने की कोशिश करते हैं.

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IIT में बढ़ीं 600 से ज्यादा सीटें

इस साल IIT संस्थानों में कुल सीटों में बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल जहां करीब 18,160 सीटें थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 18,826 हो गई है. यानी इस बार 600 से ज्यादा नई सीटें छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं.

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सीटों में यह बढ़ोतरी इसलिए की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा योग्य छात्रों को देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ने का मौका मिल सके. हर साल लाखों छात्र जेईई एडवांस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सीमित सीटों की वजह से कई छात्रों को निराशा भी हाथ लगती है.

आईआईटी जोधपुर और आईआईटी मंडी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

सीट बढ़ाने के मामले में IIT Jodhpur सबसे आगे रहा है. यहां 140 नई सीटें जोड़ी गई हैं. इसके बाद IIT Mandi में 120 सीटों का इजाफा किया गया है.इसके अलावा कई अन्य IIT संस्थानों में भी जरूरत के हिसाब से सीटें बढ़ाई गई हैं. इससे अब ज्यादा छात्रों को एडमिशन मिलने की संभावना बढ़ गई है.

18 नए कोर्स भी हुए शुरू

सिर्फ सीटें बढ़ाने तक ही बात सीमित नहीं रही. इस साल IIT में 18 नए कोर्स भी शुरू किए गए हैं. इन कोर्स का मकसद छात्रों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है.आईआईटी कानपुर ने इंटेलिजेंट सिस्टम नाम से नया कोर्स शुरू किया है.वहीं IIT Mandi ने Quantum Science and Engineering जैसे एडवांस विषय को शामिल किया है. IIT Indore में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और डाटा साइंस जैसे नए और आधुनिक कोर्स शुरू किए गए हैं. यह भी पढ़ें - IIT पैनल की हरी झंडी के बाद CBSE का नया री-इवैल्यूएशन पोर्टल तैयार, छात्रों को मिलेगा सुरक्षित सिस्टम

नई टेक्नोलॉजी और डेटा पर फोकस

आज के समय में टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से बदल रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए IITs ने अपने कोर्स में भी बदलाव किया है।अब कई पुराने विषयों में भी डाटा एनालिटिक्स और आधुनिक तकनीक को जोड़ा जा रहा है.इसका मकसद है कि छात्र सिर्फ थ्योरी ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों को भी अच्छे से समझ सकें.

छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा?

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा जेईई एडवांस देने वाले छात्रों को होगा. ज्यादा सीटें होने से अब पहले की तुलना में ज्यादा छात्रों को IIT में एडमिशन मिलने का मौका मिलेगा.साथ ही नए कोर्स छात्रों को अलग-अलग फील्ड में करियर बनाने का विकल्प देंगे. अब सिर्फ पारंपरिक इंजीनियरिंग ही नहीं, बल्कि डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम साइंस और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग जैसे फील्ड में भी करियर बनाया जा सकेगा. यह भी पढ़ें - CBSE रिजल्ट विवाद और OSM सिस्टम पर बड़ा सवाल दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और CBSE को भेजा नोटिस


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