अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं लेकिन नीट, एमबीबीएस और लंबी तैयारी से घबराते हैं, तो अब आपके लिए एक नया और अलग रास्ता खुल गया है. खास बात यह है कि इस रास्ते पर चलने के लिए आपको 12वीं साइंस या नीट की अनिवार्यता नहीं है. 10वीं पास करने के बाद ही आप सीधे एक ऐसे कोर्स में दाखिला ले सकते हैं, जो पूरा होने पर आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर बना देगा. यह कोर्स केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किया गया है.

Continues below advertisement

क्या है आयुर्वेद गुरुकुलम कोर्स?

आयुर्वेद गुरुकुलम एक ऐसा इंटीग्रेटेड कोर्स है, जिसकी शुरुआत 10वीं के बाद होती है. इसमें छात्रों को शुरुआत से ही संस्कृत के माध्यम से आयुर्वेद की शिक्षा दी जाती है. इस कोर्स में आयुर्वेद के शास्त्र, ग्रंथ, चिकित्सा पद्धतियां और आधुनिक मेडिकल ज्ञान को भी शामिल किया गया है.

Continues below advertisement

कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद को उसकी मूल भाषा और परंपरा के साथ आगे बढ़ाना है, ताकि छात्र प्राचीन ज्ञान को सही रूप में समझ सकें.

कितने साल का है यह कोर्स?

इस इंटीग्रेटेड प्रोग्राम की कुल अवधि 7.5 साल है. इसमें शुरुआती वर्षों में संस्कृत और आयुर्वेद की बुनियादी पढ़ाई आगे चलकर प्रोफेशनल आयुर्वेदिक मेडिकल एजुकेशन और अंत में इंटर्नशिप शामिल है कोर्स पूरा करने के बाद छात्र BAMS डॉक्टर कहलाएंगे और आयुर्वेदिक चिकित्सा करने के पात्र होंगे. 

कौन कर सकता है आवेदन?

  • छात्र ने संस्कृत माध्यम से 10वीं पास की हो.
  • संस्कृत विषय की अच्छी समझ हो.
  • आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में रुचि हो.

यह कोर्स उन छात्रों के लिए खास मौका है, जो बचपन से ही संस्कृत पढ़ रहे हैं और मेडिकल फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं.

क्या नीट देना जरूरी है?

इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें नीट जैसी पारंपरिक मेडिकल प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं बताई गई है. हालांकि एडमिशन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा और नियम विश्वविद्यालय द्वारा तय किए जाएंगे.

कोर्स करने के बाद क्या करियर ऑप्शन होंगे?

इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र आयुर्वेदिक डॉक्टर बन सकते हैं.अपना क्लिनिक खोल सकते हैं सरकारी और निजी आयुर्वेदिक अस्पतालों में काम कर सकते हैं.रिसर्च और टीचिंग के क्षेत्र में जा सकते हैं.

क्यों है यह कोर्स खास?

यह कोर्स इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें छात्रों को 10वीं कक्षा के बाद ही डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिलता है, जो आमतौर पर मेडिकल फील्ड में संभव नहीं होता. इस कार्यक्रम की पढ़ाई संस्कृत माध्यम से कराई जाती है, जिससे छात्र आयुर्वेद के मूल ग्रंथों और पारंपरिक ज्ञान को गहराई से समझ पाते हैं. खास बात यह भी है कि इस कोर्स में पारंपरिक आयुर्वेदिक शिक्षा और आधुनिक मेडिकल ज्ञान का संतुलित मेल किया गया है, ताकि छात्र समय के साथ चल सकें. कोर्स पूरा करने पर छात्रों को BAMS जैसी मान्य और प्रोफेशनल डिग्री दी जाती है, जिससे उनके लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर के रूप में करियर के कई रास्ते खुल जाते हैं.

यह भी पढ़ें - सईम ने अफसर बनने के लिए छोड़ दी लाखों की सैलरी वाली जॉब, फिर बिना कोचिंग क्रैक कर दिया UPSC एग्जाम


Education Loan Information:

Calculate Education Loan EMI