कई रिपोर्ट में यह सामने आया है कि भारत में अमीरों की तादाद और कमाई दोनों तेजी से बढ़ रही है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की लगभग 140 करोड़ की आबादी में 7-0 डिजिट यानी एक करोड़ तक की सैलरी कितने भारतीयों को मिलती होगी. दरअसल आयकर विभाग के आधिकारिक आंकड़े इसे लेकर हकीकत बयां करते हैं. आयकर विभाग के डेटा के अनुसार 31 मार्च 2025 तक एक करोड़ रुपये उससे ज्यादा की सालाना आय घोषित करने वाले इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स की संख्या केवल 3.24 लाख दर्ज की गई है. एक बार देखने पर भले ही यह आंकड़ा भारत की कुल आबादी के मुकाबले छोटा दिखाई देता है, लेकिन अगर पिछले 10 सालों के ट्रेड को देख तो एक करोड़ से ज्यादा कमाई कमाने वाले भारतीयों की संख्या में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

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ऐसे समझें 1 करोड़ आय वालों का गणित 

आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2025 तक देश में कुल 9.19 करोड़ आईटीआर फाइल किए जा चुके हैं. जिन्हें 14.1 करोड़ रजिस्टर्ड उपयोगकर्ताओं में से जमा किया गया है. वहीं 3.24 लाख इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स में 2.97 लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी आय 1 से 5 करोड़ के बीच है. इस ब्रैकेट में आने वाले टैक्स पेयर्स में 53 प्रतिशत लोग सैलरीड है. इसमें 16,797 इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स 5 से 10 करोड़ के ब्रैकेट में आते हैं. इसके बाद 10,184 इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स 10 करोड़ से ज्यादा वाले ब्रैकेट में आते हैं. इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स के साथ-साथ कंपनियों, फर्मों, ट्रस्टों, एचयूएफ और सरकारी निकायों को भी मिल लिया जाए, तो एक करोड़ से ऊपर आय घोषित करने वाले कुल रिटर्न्स की संख्या 4.68 लाख तक पहुंच जाती है. 

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10 सालों में इतने बढ़ें करोड़पति टैक्सपेयर्स 

इनकम टैक्स विभाग और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के डेटा के अनुसार पिछले एक दशक यानी 2013 से 14 से 2025 तक में टैक्सपेयर्स के डेटा में बड़ा बदलाव आया है. असेसमेंट ईयर 2013-14 में केवल 44,078 लोग ऐसे थे, जिनके टैक्सेबल इनकम 1 करोड़ रुपये से ज्यादा थी. वहीं पिछले 10 वर्षों में यह संख्या लगभग 5 गुना बढ़ चुकी हैं.  2013-14 में रिटर्न फाइल करने वाले इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स 3.3 करोड़ थे, जो बढ़कर 2023-24 में 7.54 करोड़ तक पहुंच गए. वहीं एक और रिपोर्ट के अनुसार 50 से 1 करोड़  आय ब्रैकेट के इस वर्ग में 10 साल के दौरान 440 प्रतिशत की बंपर ग्रोथ देखी गई है. यह आंकड़ा 2013-14 में 1.9 लाख से बढ़कर 5.82 लाख हो गया. इसके अलावा 20 लाख से 50 लाख आय ब्रैकेट में 526.5% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है. 

सुपर रिच ओर सैलरीड क्लास का डेटा 

असेसमेंट ईयर 2023-24 में 23 ऐसे इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स थे, जिन्होंने अपनी सालाना आय 500 करोड़ से ज्यादा घोषित की. वहीं 100 से 500 करोड़ आय ब्रैकेट के 263 टैक्सपेयर्स में से सिर्फ 19 लोग सैलरीड थे. इसके अलावा 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वाले सैलरीड टैक्सपेयर्स की संख्या में 4.7 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई है. 

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