Bhadohi News In Hindi: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं। इस बार भदोही जिले में वुडवर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा इशिता गुप्ता ने बाजी मारी है। इशिता ने 96.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे जनपद में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और स्कूल में खुशी का माहौल है।

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भदोही के टॉप-3 मेधावी छात्र

सीबीएसई 12वीं की जिले की मेरिट लिस्ट में इस वर्ष वुडवर्ड पब्लिक स्कूल का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला. टॉप-3 की सूची पर नजर डालें तो वुडवर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा इशिता गुप्ता ने 96.6 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया. सफलता की इस दौड़ में ज्ञानपुर स्थित सेंट थॉमस स्कूल के नवीन कुशवाहा ने  96.4 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में दूसरा स्थान सुरक्षित किया. वहीं, वुडवर्ड पब्लिक स्कूल के ही एक और छात्र अंकुर श्रीवास्तव ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और जिले की मेरिट सूची में तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई. 

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बेटी की सफलता पर क्या बोले पैरेंट्स?

इशिता भदोही शहर के काजीपुर (मेनरोड) की रहने वाली हैं. उनके पिता अमित गुप्ता (गुड्डू) कालीन निर्यातक हैं. बेटी की ऐतिहासिक सफलता पर पिता अमित और मां श्वेता गुप्ता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इशिता ने पूरे जिले में उनका मान बढ़ाया है. वहीं, इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के सपोर्ट को दिया. 

स्कूल में जश्न, प्रिंसिपल ने खिलाई मिठाई

रिजल्ट आते ही वुडवर्ड पब्लिक स्कूल में जश्न शुरू हो गया. स्कूल की प्रधानाचार्या और सीबीएसई जिला समन्वयक शालिनी मेहरा ने इशिता और अंकुर सहित अन्य सफल छात्रों का मुंह मीठा कराया. उन्होंने कहा कि यह विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है और बच्चों की कड़ी मेहनत रंग लाई है.

कैसा रहा सीबीएसई का रिजल्ट?

बता दें कि इस साल 17 लाख से ज्यादा छात्रों ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा के लिए रिजस्ट्रेशन कराया था. इनमें से लगभग 16.8 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. लंबे इंतजार के बाद जब रिजल्ट घोषित हुआ तो करीब 15 लाख छात्र सफल घोषित किए गए. हालांकि, इस बार कुल पास प्रतिशत में थोड़ी गिरावट देखी गई. साल 2026 में कुल पास प्रतिशत 85.20% रहा, जबकि 2025 में यह 88.39% था. यानी इस बार लगभग 3.19% की कमी दर्ज की गई. लेकिन शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट परीक्षा के सख्त मूल्यांकन और बदले हुए पैटर्न की वजह से हो सकती है. 

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