Career Choice Mistakes: 12वीं के बाद अक्सर छात्र करते हैं ये गलतियां, इन फैसलों पर जिंदगीभर होता है पछतावा

Career Choice Mistakes: देशभर में सीबीएसई, यूपी बोर्ड, बिहार बोर्ड, राजस्थान बोर्ड समेत लगभग सभी बड़े बोर्ड 12वीं के रिजल्ट जारी कर चुके हैं. रिजल्ट आने के बाद अब लाखों छात्र अपने करियर और कॉलेज एडमिशन को लेकर तैयारी कर रहे हैं. इसी दौरान कई छात्र जल्दबाजी, दोस्तों के दबाव या फिर सिर्फ कॉलेज के नाम से प्रभावित होकर ऐसे फैसले ले लेते हैं, जिनका पछतावा उन्हें बाद में करना पड़ता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि 12वीं के बाद लिया गया फैसला छात्रों के करियर, कॉन्फिडेंस और फ्यूचर की दिशा तय करता है. इसलिए इस समय सोच समझकर कदम उठाना बहुत जरूरी है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 12वीं के बाद अक्सर छात्र कौन सी गलतियां कर देते हैं, जिन फैसलों पर उन्हें जिंदगी भर पछतावा होता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी संस्थान का चयन केवल उनकी पॉपुलैरिटी देखकर नहीं करना चाहिए. छात्रों को यह देखना जरूरी है कि कॉलेज का कोर्स, स्ट्रक्चर कैसा है, फैकल्टी का एक्सपीरियंस कितना है, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री एक्सपोजर मिलता है या नहीं. कई छात्र बिना बैकग्राउंड चेक किए फर्जी इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले लेते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खराब हो जाते हैं.
कॉलेज चुनते समय छात्रों को बजट, लोकेशन और कैंपस माहौल जैसी चीजों पर भी ध्यान देना चाहिए. कई बार छात्र आखिरी समय तक आवेदन टालते रहते हैं, जिसकी वजह से अच्छे कॉलेज या पसंदीदा ब्रांच में एडमिशन का मौका छूट जाता है.
वहीं करियर काउंसलर के अनुसार बड़ी संख्या में छात्र अपनी रुचि के बजाय ट्रेंड या परिवार के दबाव में कोर्स चुन लेते हैं. शुरुआत में यह फैसला आसान लगता है, लेकिन आगे चलकर पढ़ाई में मन नहीं लगता और करियर को लेकर असंतोष बढ़ने लगता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि छात्रों को खुद से यह सवाल पूछना चाहिए कि उनकी किस विषय में रुचि है. उनकी स्ट्रेंथ क्या है और किस तरह का काम उन्हें पसंद है. अगर किसी छात्र की रुचि क्रिएटिव फील्ड में है तो वह केवल भीड़ देखकर इंजीनियरिंग चुन लेता है और आगे चलकर उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
वहीं आज के समय में कई छात्र केवल हाई सैलेरी पैकेज देखकर करियर चुन लेते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पैसा जरूरी है, लेकिन अगर काम में रुचि नहीं होगी तो लंबे समय तक टिकना मुश्किल हो सकता है. छात्रों को यह भी समझना चाहिए कि किस कोर्स की फीस उसकी अवधि और भविष्य में मिलने वाले अवसर क्या है.
कई छात्र यह बिना समझे महंगे प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन ले लेते हैं कि आगे उस फील्ड में अवसर कितने हैं. ऐसे में बाद में आर्थिक दबाव और करियर की चिंता दोनों बढ़ सकती है.
करियर एक्सपर्ट्स के अनुसार 12वीं के बाद सबसे आम गलती भेड़ चाल में फैसला लेना है. अगर दोस्तों का ग्रुप इंजीनियरिंग या मेडिकल की तैयारी कर रहा है तो कई छात्र बिना इंटरेस्ट के इस दिशा में चले जाते हैं. बाद में उन्हें एहसास होता है कि वह क्षेत्र उनके लिए सही नहीं था.
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हर छात्र की क्षमता और रुचि अलग होती है. किसी की कम्युनिकेशन स्किल्स मजबूत होती है, कोई एनालिटिकल थिंकिंग में बेहतर होता है तो कोई क्रिएटिव फील्ड में अच्छा कर सकता है. इसलिए दूसरों को देखकर करियर चुना गलत साबित हो सकता है.