Bihar board Syllabus 2020: कोरोना महामारी और उसके कारण किए गए लॉक डाउन की वजह से बच्चों की बाधित हुई पढ़ाई को देखते हुए अब बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (बीएसईबी) ने भी सिलेबस को कम करने के लिए अपना प्रस्ताव सरकार के पास भेज दिया है. फ़िलहाल सरकार के पास भेजे गए इस प्रस्ताव पर अभी कोई फैसला नहीं  किया गया है.

कटौतीपरफैसलालेनेकेलिएप्रस्तावकोभेजागया एससीआरटीकेपास

सेलेबस में कटौती सम्बन्धी मामले पर फैसला लेने के लिए अभी प्रस्ताव को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एससीआरटी) और दूसरे शिक्षाविदों के पास अध्ययन के लिए भेजा गया है. जिसमें एससीआरटी के विशेषज्ञ और दूसरे शिक्षाविद इस बात का अध्ययन करेंगे कि सेलेबस में कटौती करने से छात्रों को आगे उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोई समस्या न हो. क्योंकि हर साल बड़ी संख्या में बिहार के छात्र नीट, जेईई, एनईईटी और सीएलटी जैसी कई तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं. इन्हीं प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सेलेबस में कटौती करने का कोई फैसला किया जाएगा.

एससीआरटी के विशेषज्ञ और शिक्षाविद इस बात का भी अध्ययन करेंगे कि किस विषय से कितने फीसद भाग को कम किया जाय. वहीँ प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. 10वीं कक्षा (मैट्रिक) के लिए फॉर्म भरने की तारीख 18 अगस्त से लेकर 28 अगस्त 2020 तक जबकि 12वीं कक्षा के लिए फॉर्म भरने की तारीख 17 अगस्त से लेकर 27 अगस्त 2020 तक तय की गयी है.

कईराज्यकरचुकेहैंअपनेसेलेबसमें30 फीसदकीकटौती- कोरोना महामारी की वजह से छात्रों की पढ़ाई बाधित होने के मद्देनजर काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) और सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) अपने 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के सेलेबस में 30 फ़ीसदी तक कटौती कर चुके हैं. सीबीएसई के बाद महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों की सरकारों ने अपने सेलेबस में कटौती करने का फैसला ले लिया है.


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