India-Bangladesh Trade: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण, छात्र नेता शरीफ उस्तान हादी की मौत और हिंदुओं पर लगातार हो रहे अत्याचारों को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में खटास आ गई है. मुहम्मद युनूस की सरकार में बांग्लादेश में इस वक्त राजनीतिक संकट और घरेलू अशांति चरम पर है. इस बीच, बांग्लादेश में भारत विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं, भारत से पूर्वोत्तर राज्यों 'सेवेन सिस्टर्स' को अलग करने की धमकी दी जा रही है.

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हालांकि, इस दौरान दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों को नकारा नहीं जा सकता. दोनों ही देश एक-दूसरे से सामानों का लेनदेन करते हैं. खासतौर पर, बांग्लादेश की भारतीय सामानों पर निर्भरता कहीं ज्यादा है. आइए देखते हैं कि बांग्लादेश में भारत के खिलाफ नारेबाजी करने वाले लोग किन-किन भारतीय सामानों पर निर्भर हैं? 

'इंडिया लॉक्ड' मुल्क है बांग्लादेश

सबसे पहले तो बांग्लादेश की जो भौगोलिक स्थिति है, उसे देखते हुए भारत के साथ उसका रिश्ता काफी अहम बन जाता है. बांग्लादेश चारों तरफ से भारत से घिरा हुआ है इसलिए इसे 'इंडिया लॉक्ड' मुल्क कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच 4367 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है और यह बांग्लादेश के इंटरनेशनल बॉर्डर का 94 परसेंट है. यानी कि बांग्लादेश की 94 परसेंट सीमा भारत से लगती है. ऐसे में भारत के साथ इसका कारोबार काफी आसान बन जाता है. ऊपर से बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर लोग भारत के विभिन्न शहरों में काम के सिलसिले में, बेहतर इलाज के लिए भारत आते रहते हैं. इसके अलावा, बांग्लादेश रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों के लिए भी भारत पर काफी ज्यादा निर्भर है. आइए देखते हैं बांग्लादेश, भारत से क्या-क्या मंगवाता है:-

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चावल

बांग्लादेश भारत से बड़े पैमाने पर चावल खरीदता है. चावल भारत से एक्सपोर्ट की जाने वाली तीसरी सबसे बड़ी चीज है. बांग्लादेश बासमती के अलावा भारत से कई और अलग-अलक किस्म के चावल खरीदता है. इस बीच, बांग्लादेश के भारत और पाकिस्तान से टोटल 100,000 टन चावल खरीदने की भी बात सामने आई है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश का खाद्य मंत्रालय भारत की M/S पट्टाभि एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड से 355.77 डॉलर प्रति टन की दर से 50,000 टन नॉन-बासमती चावल खरीदने जा रहा है.

चीनी

बांग्लादेश भारत से सिर्फ चावल ही नहीं चीनी भी खरीदता है. भारत के साथ-साथ बांग्लादेश ब्राजील, थाइलैंड और यहां तक कि पाकिस्तान से भी चीनी मंगाता है क्योंकि मांग के हिसाब से यहां इसकी उत्पादन क्षमता सीमित है. बांग्लादेश में मेघना ग्रुप, सिटी ग्रुप और वसुंधरा ग्रुप जैसे घरेलू रिफाइनर भारत से कच्ची चीनी का आयात कर उसे रिफाइन करने का काम करते हैं और इसके बाद माल बाजारों में जाता है. 

आलू-प्याज

भारत बांग्लादेश के लिए आलू-प्याज का भी बहुत बड़ा सप्लायर है. कारोबारी साल 2023-24 में भारत ने बांग्लादेश को करीब 7.24 लाख टन प्याज भेजे. वहीं, 2022-23 में 3.5 लाख टन आलू का निर्यात किया. ऐसे में भारत या भारतीय सामानों को बॉयकॉट करने की बांग्लादेश की फिजूल की बातें उसी पर भारी पड़ सकती है.

मसाले

बांग्लादेश दूसरे अनाज और मसालों का भी एक बड़ा इंपोर्टर है. मिर्च, हल्दी, जीरा, अदरक जैसे कई मसाले भारत से बांग्लादेश भेजे जाते हैं. इसके अलावा, बांग्लादेश की खाद्य सुरक्षा में भी भारत की अहम भूमिका है क्योंकि प्याज, आलू, अदरक, लहसून से लेकर कई और तरह की सब्जियों और ताजे फलों के लिए बांग्लादेश भारत पर निर्भर है. 

दवाइयां

भारत से तरह-तरह की बीमारियों के इलाज के लिए दवाइयां भी भारत से जाती हैं. एंटी-डायबिटिक से लेकर पैरासिटामोल, विटामिन-सी की गोलियां, ओमेप्राजोल जैसी कई जेनेरिक दवाइयां भी भारत से बांग्लादेश में भेजी जाती है. इसके अलावा, भारत लाइफ सेविंग्स ड्रग्स और API की भी बांग्लादेश में सप्लाई करता है. 

टेक्सटाइल

बांग्लादेश रेडीमेड गार्मेंट्स का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है. इसे चलाने के लिए इसे धागों की जरूरत पड़ती है, जो भारत से आयात किया जाता है. यही धागा बांग्लादेश की रेडीमेड गार्मेंट्स इंडस्ट्री की रीढ़ की हड्डी है, जिसके भरोसे कई लोगों की रोजी-रोटी चलती है. इतना ही नहीं, बांग्लादेशी कपड़ों के लिए भारत भी एक बहुत बड़ा बाजार है. ऐसे में अगर दोनों देशों के तल्ख रिश्ते का असर बांग्लादेश के इस उद्योग पर पड़ा, तो इससे वहां की इकोनॉमी को बड़ा झटका लगेगा, जो पहले से ही दबाव में है.

तेल

बांग्लादेश भारत से तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का भी आयात करता है. भारत से ही तेल, ईंधन मंगाकर बांग्लादेश ऊर्जा की अपनी जरूरतों को पूरा करता है. असम के नुमालीगढ़ से बांग्लादेश के पार्वतीपुर तक बिछी 131 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछी है, जिसके जरिए सालाना 1 मिलियन मीट्रिक टन हाई-स्पीड डीजल की सप्लाई की जाती है. इसके अलावा, भारत का बांग्लादेश के नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड से रिफाइंड क्रूड ऑयल को लेकर भी कॉन्ट्रैक्ट है. बांग्लादेश भारत से कई तरह के केमिकल्स भी खरीदता है.

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