Uber: डच डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी (DPA) ने Uber पर 825 मिलियन यूरो (966 मिलियन डॉलर या करीब 8100 करोड़) का भारी जुर्माना लगाया है. कंपनी पर यह कार्रवाई बिना इंसानी जांच के पूरी तरह से कम्प्यूटर एल्गोरिदम के जरिए ड्राइवरों के अकाउंट को सस्पेंड और ब्लॉक करने के कारण की गई है. यह मामला यूरोप के डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) के नियमों के तह इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा जुर्माना है. इससे पहले साल 2023 में मेटा पर डेटा ट्रांसफर उल्लंघन के लिए 1.2 बिलियन यूरो का जुर्माना लगाया गया था.
उबर पर क्या है आरोप?
रेगुलेटर के मुताबिक, उबर ने साल 2018 से 2022 के बीच ड्राइवरों के अकाउंट्स को ब्लॉक करने के लिए पूरी तरह से ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल किया. नियमों के मुताबिक, अगर किसी फैसले का प्रभाव इंसान की आजीविका पर पड़ता है, तो उसका मानवीय जांच होना अनिवार्य है.
उबर का सॉफ्टवेयर ग्राहकों की कम रेटिंग के आधार पर या धोखाधड़ी का शक होने पर सीधे ड्राइवरों का अकाउंट ब्लॉक कर देता है. इस दौरान ड्राइवरों को इस बात की भी जानकारी नहीं दी जाती थी कि उनके खिलाफ लिए जा रहे फैसले कम्प्यूटर एल्गोरिदम द्वारा ऑटोमेटेड तरीके से लिए जा रहे हैं, जो उनके अधिकारों का हनन है.
मामले की शिकायत फ्रांस के उबर ड्राइवरों ने दर्ज कराई थी. चूंकि उबर का यूरोपीय मुख्यालय एम्सटर्डम, नीदरलैंड्स में है इसलिए डच रेगुलेटर ने इस पूरे मामले की जांच की और अपना फैसला सुनाया.
उबन ने क्या कहा?
उबर ने इस जुर्माने को गलत बताया है. Uber ने अपील करने की भी जानकारी दी है. कंपनी की तरफ से कहा गया है, "हम इस फैसले और जरूरत से ज्यादा भारी जुर्माने से बिल्कुल सहमत नहीं हैं." कंपनी का दावा है कि वह किसी भी ड्राइवर का अकाउंट बिना मानवीय हस्तक्षेप के स्थायी रूप से बंद नहीं करती है. कंपनी की पॉलिसीज में इंसानों द्वारा समीक्षा और ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से सस्पेंड किए जाने के खिलाफ आपत्ति जताने के मौके, दोनों शामिल हैं. उबर इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी.
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