Stock Market Today: वैश्विक उथल-पुथल के बीच पिछले हफ्ते शेयर बाजार में हल्की गिरावट का दौर रहा. इसकी मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से दुनियाभर के देशों पर टैरिफ का लगाया जाना और उसके बाद 90 दिनों के लिए उस पर ब्रेक है. इन सबके बीच लगातार अमेरिका और चीन के रिश्तों में व्यापारिक खटास ने और आर्थिक अनिश्चितताओं को बढ़ा कर रख दिया है. इस हफ्ते शेयर बाजार में दो छुट्टियां हैं- 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती है, जबकि शुक्रवार (18 अप्रैल) को गुड फ्राइडे है. ऐसे में इस पूरे हफ्ते में सिर्फ तीन कारोबारी दिन है. सवाल उठ रहा है कि इस हफ्तर आखिर कैसा होगा बाजार का मिजाज, आइये पांच प्वाइंट्स में जान लेते हैं.

इन्फ्लेशन डेटा

भारतीय बाजार की बात करें तो 15 अप्रैल को आने वाली मार्च महीने की महंगाई दर पर सभी की नजर रहेगी, जो पिछले महीने यानी फरवरी में 3.61 फीसदी थी. रिजर्व बैंक को नीतिगत रुख में नरमी बनाए रखने का भी मौका रहेगा. एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि खाद्य वस्तुओं के दाम में कमी के चलते आने वाले समय में महंगाई में और कमी आ सकती है.

क्रूड ऑयल की कीमतें 

बाजार की चाल काफी हद तक इस बात पर भी निर्भर करती है कि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती है या फिर उसमें उतार-चढ़ाव का दौरा जारी रहता है. ब्रेट क्रूड फ्यूचर्स बीते हफ्ते करीब चार साल के निचले स्तर तक गरने के बाद हल्की रिकवरी कर 64.76 डॉलर प्रति बैरल पर जाकर बंद हुआ था. अगर तेल की कीमतों में कमी आती है तो भारत जैसे देशों के लिए अच्छी बात होगी, और इससे सरकार का फाइनेंशियल डेफिसिट भी कम होगा.

यूरोपीय सेंट्रल बैंक की बैठक

इस हफ्ते आने वाली चीन की पहली तिमाही की जीडीपी ग्रोथ और यूरोपीयन सेंट्रल बैंक की मीटिंग भी वैश्विक लिहाज से काफी अहम रहने वाली है. रायटर्स पोल के अनुसार चीन में जीडीपी ग्रोथ की दरें क्यू-1 CY25 में घटकर 5.1 फीसदी रह सकती है, ये क्यू-4 2024 में पांच दशमलव चार फीसदी थी. जबकि यूरोपीय सेंट्रल बैंक डिपॉजिट रेप 25 बेसिस प्वाइंट घटकर 2.25 फीसदी किया जा सकता है.

टैरिफ वॉर

अमेरिकी और चीन के बीच ट्रेड वॉर भी काफी हद तक बाजार को चाल को तय करेगा. चीन ने अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई करते हुए टैरिफ की दरें 125 प्रतिशत कर दिया है. उधर, अमेरिका ने चीन से आयात वाले वाले स्मार्टफोन और कम्पयूटर को  टैरिफ टैरिफ से छूट दी है, जिससे एपल के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है. 

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