नई दिल्ली: बजट एयरलाइंस कंपनी स्पाइसजेट ने ऐलान किया है कि वो भविष्य में लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सस्ती उड़ान सेवा शुरु कर सकती है. इस बीच कंपनी ने विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग के साथ 205 विमानों के लिए करार पर दस्तख्त किए हैं. ये भारतीय विमान बाजार में दूसरा सबसे बड़ा ऑडर्र है.

देश में हर महीने करीब 90 लाख लोग घरेलू रास्तों पर हवाई सफर कर रहे हैं और इनकी संख्या में औसतन 20 से 25 फीसदी की दर से बढ़ रही है. विमानन सेवा देने वाली कंपनियों को लगता है कि विकास की रफ्तार आगे भी जारी रहेगी. इसी के मद्देनजर विमानन कंपनियां विमानों के लिए बड़े-बड़े ऑडर्र दे रही है. बजट एय़रलाइंस स्पाइस जेट ने बोइंग के साथ एक करार किया है जिसमें 205 विमान खरीदे जा सकते हैं. कंपनी का कहना है कि इन विमानों में वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट भी शामिल है. वाइट बॉडी एयरक्राफ्ट में दो गलियारा यानी आइल होता है और एक कतार में नौ सीट लगाए जा सकते है. कंपनी इन विमानों के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रिटेन या यूरोप के बाकी देशों तक जाने की सोच रही है.

स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी लो कॉस्ट लांग डिस्टेंस सेवा शुरु करने की संभावनाएं टटोलेगी. लांग डिस्टेंस से यहां मतलब सात-आठ घंटे से ज्यादा समय की उड़ानों से है और ये उड़ान, ब्रिटेन और यूरोप के दूसरे देशों के लिए आसानी से हो सकती है. स्पाइसजेट ऐसा करने वाली देश की पहली बजट एयरलाइंस होगी.

फिलहाल स्थिति ये है कि

- स्पाइसजेट ने 205 विमानों के लिए करार किया है. इसमें से 155 की खरीद तो पक्की है जबकि बाकी 50 की खरीद का अधिकार होगा.

- इन विमानों की कीमत 1.5 लाख करोड़ है

- 155 विमान तो नैरो बॉडी यानी एक गलियारे और एक कतार में छह सीटों वाले होंगे जबकि बाकी 50 वाइट बॉडी होंगे

- इसके पहले इंडिगो ने पहली बार 2005 में 100 विमानों का ऑडर्र देकर सबको हैरान कर दिया था. 2011 में से इसने 180 और 2015 में 250 विमानों का ऑडर्र दिया.

- बोइंग का मानना है कि देश में 2036 तक कुल 1850 विमानों की जरुरत होगी जिनकी कीमत 265

नए ऑडर्र को लेकर स्पाइसजेट का कहना है कि इसके लिए पैसे जुटाने में कोई परेशानी नहीं होगी. अजय का कहना है कि कंपनी के पास कई विकल्प हैं. सेल एंड लीज बैक का मॉडल है. एक्जिम बैंक से कर्ज ले सकते है. लेकिन उन्होंने साफ किया कि शेयर बेचकर पैसा नहीं जुटाया जाएगा.

2015 के पहले भारी घाटे में डूबी स्पाइसजेट का प्रबंधन दोबारा अजय सिंह ने अपने हाथों में लिया. उसके बाद से लेकर अब तक हर रोज कंपनी को 1 करोड़ रुपये का मुनाफा हो रहा है. 32 बड़े और 17 छोटे विमानों के साथ कंपनी की बाजार में 12.8 फीसदी हिस्सेदारी है. अब कंपनी के बेड़े में अगले साल की तीसरी तिमाही से 155 विमानों के आने का सिलसिला शुरु होगा जो 2024 तक जारी रहेगा.