बड़े बैंकों में पैसा रखना सुरक्षित विकल्प माना जाता है, लेकिन ज्यादा ब्याज की तलाश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए छोटे बैंक बेहतर रिटर्न दे सकते हैं.

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अक्तूबर साल 2026 में कुछ बैंक चुनिंदा अवधि की FD पर 8.50 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं. HDFC और ICICI बैंक की FD दरें कितनी हैं? फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी वरिष्ठ नागरिकों के बीच बचत का लोकप्रिय विकल्प है. इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता और पहले से तय ब्याज के आधार पर रिटर्न मिलता है. हाल ही में उपलब्ध जानकारी के आधार पर, HDFC बैंक और ICICI बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को एक साल की FD पर करीब 6.75 प्रतिशत और तीन साल की अवधि पर करीब 6.95 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है. पांच साल के लिए दोनों बैंकों की दर करीब 6.90 प्रतिशत बताई गई है.

हालांकि, इन दरों की तुलना छोटे प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों से करने पर तस्वीर काफी अलग दिखाई देती है. कुछ छोटे बैंक लंबी अवधि या खास टेन्योर पर 7.5 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं. छोटे बैंक दे रहे हैं ज्यादा ब्याज ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार DCB बैंक वरिष्ठ नागरिकों को पांच साल की FD पर 8 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है. बंधन बैंक में कुछ अवधियों पर दर 7.50 प्रतिशत से 7.75 प्रतिशत तक है, जबकि SBM बैंक की अधिकतम दर 8.15 प्रतिशत तक पहुंचती है. YES बैंक और IndusInd बैंक भी कुछ चुनिंदा अवधि पर 7.75 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं.

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वहीं जना स्मोल फाइंनेंस की कुछ FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.30% तक ब्याज मिल सकता है। इससे भी ज्यादा दर सुर्योदय स्मोल फाइंनेंस की कुछ पांच साल की FD में 8.50 प्रतिशत तक बताई गई है. ज्यादा ब्याज देखकर तुरंत निवेश न करें FD चुनते समय केवल ब्याज दर को आधार बनाना सही नहीं होगा. निवेश से पहले बैंक की शर्तें, FD की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने पर लगने वाला शुल्क और जमा बीमा जैसी चीजों को भी देखना जरूरी है. खासकर बड़ी रकम निवेश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को अलग-अलग बैंकों की तुलना करनी चाहिए.

यानी अगर प्राथमिकता ज्यादा रिटर्न है तो छोटे बैंक आकर्षक विकल्प हो सकते हैं, जबकि HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे बड़े बैंक परिचित बैंकिंग सेवाओं और सुविधाजनक पहुंच के कारण कई निवेशकों की पहली पसंद बने रह सकते हैं.

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