Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये ने शुक्रवार 5 जून को डॉलर के मुकाबले शानदार मजबूती दिखाई है. आरबीआई की मौद्रिक नीति के ऐलान के बाद रुपया करीब 50 पैसे तक मजबूत हो गया है. पिछले कई दिनों से दबाव में चल रही भारतीय मुद्रा के लिए ये बड़ी राहत मानी जा रही है. आइये यहां से जानते हैं कि रुपया कैसे मजबूत होता है और निवेशकों का भरोसा कैसे बढ़ा है.

Continues below advertisement

बढ़ा निवेशकों का भरोसा

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने ऐलान में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और साथ ही रुपये को मजबूत करने के लिए कई अहम कदमों का ऐलान किया. केंद्रीय बैंक के इस संतुलित रुख से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसका असर रुपये पर भी देखने को मिला है.

Continues below advertisement

भारत में प्लास्टिक नोट लाने की तैयारी में RBI, गवर्नर संजय मल्होत्रा का बड़ा बयान

रुपये को मजबूती मिलने की एक बड़ी वजह केंद्र सरकार का वह फैसला भी रहा, जिसमें विदेशी निवेशकों के लिए बॉन्ड निवेश पर कैपिटल गेन टैक्स हटाने की घोषणा की गई. माना जा रहा है कि इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और देश में डॉलर का प्रवाह तेज होगा.

कैसे मजबूत होता है रुपया?

जब देश में विदेशी निवेश बढ़ता है तो निवेशकों को डॉलर को रुपये में बदलना पड़ता है. इससे डॉलर की सप्लाई बढ़ती है और रुपये की मांग मजबूत होती है. यही वजह है कि विदेशी निवेश से भारतीय मुद्रा को सहारा मिलता है. रुपये में मजबूती और RBI के फैसले के बाद शेयर बाजार का माहौल भी बेहतर नजर आया. बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा.

रिजर्व बैंक ने फिर किया ऐलान, रेपो रेट को 5.25% पर रखा बरकरार

आम लोगों के लिए क्यों है अच्छी खबर?

रुपये के मजबूत होने से आयात होने वाले सामान की लागत कम हो सकती है. इसका फायदा पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक सामान और विदेश से आने वाले कई अन्य उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है. साथ ही, कमजोर होते रुपये को लेकर जो चिंता बनी हुई थी, उसमें भी कुछ राहत मिल सकती है.

आगे क्या रहेगी नजर?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेश और वैश्विक आर्थिक हालात रुपये की दिशा तय करेंगे. फिलहाल आरबीआई और सरकार के फैसलों ने भारतीय मुद्रा को मजबूत आधार देने का काम किया है. कुल मिलाकर, RBI की नीति और सरकार के टैक्स राहत वाले फैसले ने रुपये को नया बूस्ट दिया है, जिसके चलते भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ कारोबार करती नजर आई.