नई दिल्ली: आर्थिक मोर्चे पर बुरी खबर है. आज कारोबार के दौरान रुपया 42 पैसे की जोरदार गिरावट के साथ 70.52 प्रति डॉलर के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया. डॉलर की माह अंत की मांग और विदेशी कोषों की निकासी से रुपये में गिरावट आई. बैंकों तथा आयातकों की सतत डॉलर मांग से रुपया दबाव में आ गया. कच्चे तेल के दाम बढ़ने से मुख्य रूप से तेल रिफाइनरी कंपनियों की डॉलर मांग बढ़ी है.
इससे पहले आज शुरुआती कारोबार में रुपया 22 पैसे टूटकर 70.32 प्रति डॉलर पर आ गया. कल के कारोबार में रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ 70.10 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. बाद में यह और टूटकर 70.52 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया. कारोबारियों ने कहा कि आयातकों की ताजा डॉलर मांग और विदेशी बाजारों में अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती से रुपया प्रभावित हुआ है.वहीं देश के शेयर बाजार आज बढ़त के साथ खुले. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.56 बजे 27.95 अंकों की बढ़त के साथ 38,924.58 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 2.90 की मामूली बढ़त के साथ 11,741.40 पर कारोबार करते देखे गए. बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 93.02 अंकों की मजबूती के साथ 38,989.65 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 6.45 अंकों की बढ़त के साथ 11,744.95 पर खुला.
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