US-UK Trade Deal: एक तरफ जहां भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है और लगातार नई दिल्ली की तरफ से उसके हर ना'पाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ब्रिटेन के बीच एक बड़ी डील हो गई है. ट्रंप की तरफ से टैरिफ के एलान के बाद ये पहली ट्रेड डील है, जिस पर गुरुवार को दोनों देशों ने अंतिम मुहर लगाई.
अमेरिकी ऱाष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा- आज सुबह मुझे ये ऐलान करते हुए बेहद खुशी है कि ब्रिटेन के साथ व्यापारिक समझौता हुआ है. आज का दिन द्वितीय विश्वयुद्ध के लिए जीत का है, हम एक साथ 80 साल पहले जीते थे. इसलिए इस ऐतिसाहसिक समझौते के बाद इससे अच्छी सुबह नहीं हो सकती है.
टैरिफ के बाद यूएस का पहला व्यापारिक समझौता
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर व्हाइट हाउस से ट्रंप के साथ प्रेस ब्रीफिंग में जुड़े ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिका-ब्रिटेन के बीच इस व्यापारिक समझौते को ऐतिहासिक दिन करार दिया. ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में पारदर्शिता को दर्शाता है. इससे अमरिकी कृषि उत्पादों तक पहुंचा और आसान हो जाएगी. हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि अंतिम डॉक्यूमेंटेशन का काम अभी चल रहा है. ओवल ऑफस में उन्होंने कहा कि फाइनल डिटेल्स अभी तैयार की जा रही है.
ट्रंप ने कहा कि आने वाले हफ्तों में हम इसके नतीजे तक पहुंच जाएंगे. साथ ही कहा कि ब्रिटेन के साथ इस व्यापारिक समझौते से ब्रिटेन के बाजार में अमेरिकी निर्यात को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, खासकर- बीफ, एथनॉल और अन्य कृषि उत्पाद.
ब्रिटेन में तेज होगा अमेरिकी निर्यात
गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठक हुई थी. ब्रिटेन के साथ इस व्यापारिक समझौते के अंजाम देने का मुख्य लक्ष्य यूके से निर्यात हो रहे कार और स्टील के ऊपर से टैक्स को खत्म या फिर कम करना था, जिसे ट्रंप ने बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है. नेशनल स्टेटिटिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटिश कार का सबसे बड़ा बाजार अमेरिका है. साल 2024 में करीब 25 फीसदी गाड़ियों का निर्यात यही पर किया गया था.
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