Loan Repayment Suggestions: होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन जैसे कई तरह के लोन से हम घिरे हुए हैं. या तो हम खुद इन लोन के जाल में हैं या हमारे परिचितों, रिश्तेदारों या दोस्तों में से कुछ लोग ऐसे ही हैं जो इनमें से किसी तरह के लोन के चक्कर में फंसे हुए हैं. कई बार ऐसा भी हो जाता है कि एक ही शख्स दो या तीन तरह के लोन लिए हुए होता है और उन्हें ये तय करना होता है कि पहले कौनसा लोन निपटाया जाए जिससे उनका ईएमआई के तौर पर जा रहा पैसा थोड़ा कम हो सके.
वित्तीय बाजार के जानकारों से जानें सही सलाहयहां हम आपको बताएंगे कि ऐसी सूरत में आपको कौनसा लोन खत्म करने के बारे में पहले सोचना चाहिए जिससे घर पर ईएमआई कटने के बाद आने वाली सैलरी थोड़ी बढ़ सके. वित्तीय बाजार के जानकारों से सलाह लेकर लार्ज लोन या हाई लोन में से कौनसा लोन पहले खत्म करना चाहिए इसकी जानकारी दी गई है.
पहले चुकाएं हाई-कॉस्ट लोनआमतौर पर लोग होम, कार-ऑटो लोन जैसे बड़े लोन को निपटाने के बारे में ही सोचते रहते हैं लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक आपको लंबी अवधि के लोन को निपटाने की बजाए इस बात पर फोकस करना चाहिए कि हाई कॉस्ट लोन कौनसे हैं जिनका ईएमआई या ब्याज पर आपको ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है.
सीधे शब्दों में समझेंइसको सीधे शब्दों में कहा जाए तो आपको अपने क्रेडिट कार्ड ड्यू और पर्सनल लोन को पहले खत्म करने के बारे में सोचना चाहिए. सेक्योर्ड लोन जैसे होम लोन और कार लोन को धीरे-धीरे चुकाया जाता रहा जा सकता है. फाइनेंशियल प्लानर्स के मुताबिक लोन का साइज इतना मैटर नहीं करता जितना लोन की कॉस्ट महत्वपूर्ण होती है.
इसे उदाहरण से पूरी तरह जानेंमान लीजिए आपको कंपनी की तरफ से 1 लाख रुपये का परफॉर्मेंस बोनस मिला है और आपके ऊपर 1-1 लाख रुपये के दो लोन हैं. पहले लोन पर आपको 18 फीसदी ब्याज देना पड़ रहा है और दूसरे पर 8.5 फीसदी ब्याज देना पड़ रहा है. अगर आप 18 फीसदी ब्याज वाला लोन पहले चुकाते हैं तो आपके 12 महीने की ब्याज के रूप में जाने वाली रकम में आप 10016 रुपये बचा पाएंगे. वहीं अगर आप दूसरा लोन पहले चुकाते हैं तो 12 महीने में इस पर दिए जाने वाले ब्याज पर आप 4664 रुपये ही बचा पाएंगे.
हमेशा अपने क्रेडिट कार्ड आउटस्टैंडिंग और पर्सनल लोन को पहले चुकाएं क्योंकि ये आपकी कमाई को खाते हैं. सामान्य तौर पर किसी शख्स की आय 8 या फीसदी की दर से बढ़ती है और हाई कॉस्ट लोन न चुकाना आपके पैसे की बढ़त का फायदा मिलने नहीं देता.
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