Melody Chocolate Company: हाल ही में प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफियों का पैकेट गिफ्ट किया, जिसके बाद यह मशहूर टॉफी एक बार फिर चर्चा में आ गई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी भारत की सबसे पुरानी और फेमस कंपनियों में से एक है.
कौन बनाता है Melody टॉफी?
अगर बात करें मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी की तो इसे बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो Parle-G बिस्किट के लिए भी जानी जाती है. यह कंपनी 1920 के दशक में शुरू हुई थी और आज भारत के सबसे बड़े फूड ब्रांड्स में शामिल है.
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किसके पास है कंपनी की कमान?
Parle Products का मालिकाना हक चौहान परिवार के पास है. कंपनी की शुरुआत मोहनलाल दयाल चौहान ने 1929 में की थी. फिलहाल कंपनी की कमान विजय चौहान के हाथों में है, जो कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. वहीं शरद चौहान और राज चौहान भी कंपनी में अहम भूमिका निभाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी आने वाले समय में अपना IPO भी ला सकती है और इसके लिए कई बैंकों से बातचीत चल रही है.
कैसे शुरू हुई Parle की कहानी?
बता दें कि मूल रूप से गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले मोहनलाल दयाल चौहान मुंबई में रेशम का बिजनेस करते थे. 1920 के दशक में चल रहे स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित होकर उन्होंने ब्रिटिश खाद्य उत्पादों को टक्कर देने का फैसला किया. इसके लिए वह जर्मनी गए और वहां से आधुनिक कन्फेक्शनरी तकनीक सीखी. बाद में लगभग 60 हजार रुपये की मशीनरी लेकर भारत लौटे और 1928-29 में मुंबई के विले पारले इलाके में फैक्ट्री शुरू की. इसी इलाके के नाम पर कंपनी का नाम Parle रखा गया.
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आज कितनी बड़ी है कंपनी?
आज Parle भारत का एक बड़ा FMCG ब्रांड बन चुका है. कंपनी के मशहूर ब्रांड्स में Parle-G, Monaco, CrackJack, Marie, Gluco और 20-20 शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चौहान परिवार की टोटल संपति लगभग 45,579 करोड़ रुपये बताई जाती है.
