Oracle Layoffs: हाल ही में अमेरिकी मल्टीनेशनल कंप्यूटर टेक्नोलॉजी कंपनी Oracle ने बड़े स्तर पर छंटनी करने का निर्णय लिया है. इसकी जानकारी कर्मचारियों को एक ईमेल के माध्यम से दी गई है. ईमेल में बताया गया कि ये फैसला कंपनी की जरूरतों और संगठन में बदलाव के चलते लिया गया है. साथ ही ये भी बताया गया कि आज का दिन ही उनका आखिरी कामकाजी दिन है. यानी कोई अतिरिक्त समय या ट्रांजिशन पीरियड नहीं दिया जाएगा. 

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अब तक इस छंटनी में करीब 12,000 लोग प्रभावित हुए हैं. बाजार विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक, यह संख्या 20,000 से 30,000 तक पहुंच सकती है. जो Oracle की कुल 162,000 कर्मचारियों का लगभग 18 प्रतिशत होती है.

Oracle ने छंटनी के बाद कर्मचारियों को दिए निर्देश

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ईमेल में कर्मचारियों को जल्दी से जल्दी कार्रवाई करने के लिए कहा गया, क्योंकि उनका एक्सेस जल्द ही बंद होने वाला था. ईमेल में पहले उनके मेहनत और योगदान की सराहना की गई. हालांकि, इसके तुरंत बाद जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई.

कर्मचारियों को बताया गया कि वे सेवरेंस पैकेज के लिए योग्य हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें टर्मिनेशन डॉक्युमेंट्स DocuSign के जरिए साइन करना होगा. जो उनके Oracle ईमेल पर भेजे गए थे.

कर्मचारियों को मिला थोड़े समय का विंडो

ईमेल में ये भी बताया गया कि कंप्यूटर, ईमेल, वॉइसमेल और फाइल्स तक उनका एक्सेस जल्दी ही बंद कर दिया जाएगा. इसका मतलब यह था कि कर्मचारियों के पास सिर्फ थोड़े समय की विंडो थी, जिसमें वे सभी जरूरी काम पूरी कर सकें.

छंटनी के बाद कर्मचारियों पर बढ़ रहा दबाव

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक Reddit पोस्ट खूब चर्चा में है. जिसमें खुद को Oracle का कर्मचारी बताने वाले एक यूजर बाकी कर्मचारियों को सलाह दे रहे हैं कि वे छंटनी के बाद खाली हुई भूमिकाओं को संभालने के लिए ज्यादा मेहनत न करें.

एक कर्मचारी ने बताया कि बड़े पैमाने की छंटनी के बाद कंपनियां अक्सर बाकी कर्मचारियों से उम्मीद करती हैं कि वे अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालेंगी. इससे लोग ज्यादा घंटों तक काम करने और अपनी सीमाओं से बाहर जाकर काम करने के दबाव में आ जाते हैं. जबकि इसके लिए उन्हें आमतौर पर कोई अतिरिक्त वेतन नहीं मिलती है.

Oracle की छंटनी में सीनियर कर्मचारियों पर असर

Oracle में 34 साल से काम कर रही Nina Lewis ने एक पोस्ट में दावा किया है कि हाल की छंटनी में खास तौर पर सीनियर एक्जिक्यूटिव और मिड-लेवल मैनेजर को टारगेट किया गया है. 

पोस्ट के अनुसार, कंपनी की ने उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी गई जिनके पास ज्यादा स्टॉक ऑप्शंस और इक्विटी थे. इससे कंपनी अपने लंबे समय के वित्तीय दायित्वों को कम कर सकती थी.

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